विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने जांच के दिए निर्देश
नए भवन के औचक निरीक्षण के दौरान निर्माण की गुणवत्ता पर जताई नाराजगी
पहले भी भवन की बाहरी दीवारों से उखड़ चुकी है टाइलें
निर्माण कार्य में पाई गई खामियां तो नियमानुसार होगी कड़ी कार्रवाई : राठौर
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 2022 को किया था भवन का लोकार्पण
अस्पताल भवन का उखड़ा प्लस्तर, बीमार व्यवस्था की खुली पोल
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)।
करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से बने सिविल अस्पताल ठियोग के नए भवन में महज तीन वर्ष बाद ही सीलन और प्लास्टर उखड़ने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। दीवारों से उखड़ता प्लास्टर अस्पताल की बीमार व्यवस्था की पोल खोल रहा है। इससे पहले भी भवन की बाहरी दीवारों से टाइलें गिरने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। सोमवार को ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने अस्पताल भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई दीवारों का प्लास्टर उखड़ा मिला और सीलन की समस्या भी सामने आई। इस पर विधायक ने कड़ी नाराजगी जताते हुए एसडीएम शशांक गुप्ता की अगुवाई में जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। यह पांच मंजिला अस्पताल भवन वर्ष 2022 में बनकर तैयार हुआ था। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्ष 2022 में इसका लोकार्पण कर इसे जनता को समर्पित किया था। हालांकि, आज तक आम जनता को इस भवन की सभी सुविधाओं का पूरी तरह लाभ नहीं मिल पाया है। इसी भवन में स्थापित अल्ट्रासाउंड मशीन भी खराब हो चुकी है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा है। भवन में मरीजों के लिए 50 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बेड लगाए गए हैं। इसके बावजूद निर्माण के महज तीन वर्ष बाद ही कई स्थानों पर सीलन के कारण दीवारों का प्लास्टर उखड़ने लगा है। बरसात के दौरान कई जगह भवन के भीतर पानी टपकने की समस्या भी सामने आ रही है। इससे भवन के निर्माण और रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। निरीक्षण के दौरान विधायक ने भवन की दीवारों की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से निर्माण कार्य तथा मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में भवन में इस तरह की खामियां सामने आना गंभीर विषय है। निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
पहले भी सामने आई थीं टाइलें गिरने की शिकायतें
इससे पहले भी अस्पताल भवन की बाहरी दीवारों से टाइलें गिरने की शिकायतें सामने आई थीं। उस समय मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे। अब बाहरी हिस्से के बाद भवन की अंदरूनी दीवारों में भी सीलन और प्लास्टर उखड़ने की समस्या सामने आने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा : विधायक
विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने स्पष्ट किया कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जांच समिति भवन की स्थिति का विस्तृत निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करे और निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाए। विधायक ने कहा कि जनता के पैसे से निर्मित सरकारी भवनों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।