ठियोग (रामपुर बुशहर)। उपमंडल ठियोग के सैंज में राजकीय वरिष्ठ विद्यालय को आदर्श विद्यालय बनाने की घोषणा पूरी नहीं होने पर क्षेत्र के लोग मंगलवार को सड़कों पर उतर आए। इस दौरान लोगों ने करीब डेढ़ घंटे तक देहा-सोलन-ठियोग मार्ग पर चक्का जाम किया।
इससे हजारों लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ा। इस दौरान गुस्साए लोगों ने प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मामले की सूचना मिलने के बाद एसडीएम और विधायक ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत करवाया। इसके बाद लोग सड़क से हटने को तैयार हुए।
मंगलवार दोपहर करीब 12:00 बजे रोषजदा ग्रामीण मांग को लेकर सैंज में देहा-सोलन-ठियोग पर पहुंचे और वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया। इस दौरान लोगों में गुस्सा था कि पूर्व सरकार की घोषणा के बावजूद क्षेत्र के विद्यार्थियों को आदर्श विद्यालय की सुविधा नहीं मिल पा रही है। लोगों के सड़क पर बैठने के कारण थोड़ी देर में ही वाहनों की कतार लग गई।
इस दौरान पुलिस के जवान सड़क को खुलवाने का प्रयास करते रहे, लेकिन अपने क्षेत्र के बच्चों के भविष्य के लिए लोग सड़कों पर डटे रहे। स्थानीय निवासी भोपाल चौहान ने बताया कि वह लगातार इस बात को लेकर नेताओं से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के पास चक्कर लगाते रहे हैं, लेकिन पांच साल में सरकार ने इस कार्य को शुरू करना तक उचित नहीं समझा। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने मरीजों को ले जा रहे वाहनों को जाने दिया।
सिंघा बोले, मेरी भी गलती रही माफ करना
चक्का जाम की सूचना मिलते ही क्षेत्र के विधायक राकेश सिंघा भी मौके पर पहुंचे। लोगों ने बताया कि समस्या को लेकर आपको भी ज्ञापन भेजा गया था। इस बात पर विधायक राकेश सिंघा ने बताया कि यह मेरी गलती रही। इसके बाद मामले को सुलझाने के लिए विधायक समेत एसडीएम सौरभ जस्सल ने आंदोलनकारियों को मनाया। विधायक सिंघा बोले की मेरी भी गलती है मुझे इसके लिए माफ करना।
उन्होंने लोगों को कुछ दिनों में टेंडर लगाकर कार्य शुरू करने का वादा किया। इस दौरान किसान नेता जगदीश शर्मा ने बताया कि यह सैंज के लोगों के साथ जयराम सरकार ने भेदभाव किया है। पहले भी टेंडर किया गया था, लेकिन उसे रद्द कर दिया गया। आज भी बच्चे जिस भवन में शिक्षा ग्रहण कर रहे है, उसे असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। ऐसे में अगर कोई हादसा हो जाता है तो कौन जिम्मेवार होगा।