लूहरी परियोजना प्रभावितों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते विधायक नंद लाल। स्रोत: पीआरओ
करांगला और बड़ाच में मकानों में आई दरारों से जुड़े लंबित मामलों की प्रगति पर भी की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। एसजेवीएन की लूहरी जलविद्युत परियोजना स्टेज-1 से प्रभावित किसानों के लंबित मुआवजे के मामलों की समीक्षा बैठक शनिवार शाम को आयोजित की गई। बैठक फसल नुकसान और मकानों को हुए नुकसान के शीघ्र भुगतान पर केंद्रित रही। सातवें वित्तायोग के अध्यक्ष और रामपुर के विधायक नंद लाल ने इसकी अध्यक्षता की।
बैठक में उपमंडल रामपुर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में लंबित फसल क्षति आकलन मामलों की विस्तार से समीक्षा हुई। ग्राम पंचायत करांगला और बड़ाच में मकानों में आई दरारों से जुड़े लंबित मामलों की प्रगति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने 4 अक्तूबर 2025 को राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के निर्णयों पर विचार किया। इन निर्णयों के अनुरूप फसल क्षति के प्रतिशत के पुनर्मूल्यांकन पर विमर्श हुआ। मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। निन्नू डंपिंग साइट से प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति आकलन के लिए जोन निर्धारित करने के प्रस्ताव पर भी अधिकारियों ने चर्चा की। एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह भी बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत दत्तनगर में एलएचईपी स्टेज-1 की डंपिंग गतिविधियों से हुई फसल क्षति की समीक्षा की गई। यह क्षति वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान हुई थी। बैठक में फसल क्षति मुआवजा आकलन के लिए निर्धारित 900 मीटर की अधिकतम दूरी में शिथिलता देने का प्रस्ताव रखा गया। अधिकारियों ने दोई शरण क्षेत्र को भी मुआवजा दायरे में शामिल करने पर विचार किया। परियोजना प्रमुख विवेक शर्मा और परियोजना अधिकारी अलका जायसवाल, ग्राम पंचायत देलठ के प्रधान उमादत्त शर्मा, उपप्रधान कैलाश शर्मा, ग्राम पंचायत बड़ाच के उपप्रधान इंद्रपाल ठाकुर भी शामिल हुए।