समय पर भुगतान न मिलने के कारण पशुपालकों में बढ़ी चिंताएं
विभाग और सरकार से लंबित भुगतान जारी करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चिड़गांव (रोहड़ू)। रोहड़ू उपमंडल में दूध उत्पादकों का करीब 43.50 लाख रुपये का भुगतान जुलाई से लंबित है। उपमंडल की सात दुग्ध सोसायटियों के माध्यम से दूध की आपूर्ति करने वाले पशुपालक पिछले कई महीनों से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। समय पर भुगतान न मिलने के कारण पशुपालकों में चिंता बढ़ रही है।
ग्राम पंचायत ढाकगांव की प्रधान संगीता खुराना ने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कहा कि पंचायत क्षेत्र के कई पशुपालकों को तीन-चार महीनों से दूध का भुगतान नहीं हुआ है। पशुपालक दिन-रात मेहनत कर दूध उपलब्ध करवाते हैं। उनके लिए समय पर भुगतान मिलना बेहद जरूरी है। खुराना ने संबंधित विभाग और सरकार से मामले का संज्ञान लेकर लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की है।
पूर्व सदस्य ग्राम पंचायत ढाकगांव कृष्णा शरवण और महिला मंडल दली सहित क्षेत्र के दूध उत्पादकों ने भी चिंता जताई है। पशुपालकों का कहना है कि एक ओर दूध के दाम बढ़ाने की बात हो रही है, वहीं दूध का भुगतान कई महीनों से लंबित है। इससे आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मिल्कफेड रोहड़ू के प्रभारी अशोक कुमार ने कहा कि ऑनलाइन भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाना था। भुगतान को डायरेक्ट बेनिफिशरी योजना से जोड़ने में तकनीकी समस्या आई। इसी कारण भुगतान में देरी हुई। लंबित भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक-दो दिन में पशुपालकों के खातों में भुगतान कर दिया जाएगा।