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मंडी में सुविधाओं को लेकर करोड़ों रुपये का बजट किया जाएगा खर्च

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ठियोग (रामपुर बुशहर)। बागवानी मंत्री महेंद्र ठाकुर ने कहा कि पराला मंडी में आगामी वर्ष में पानी की व्यवस्था कर दी जाएगी। मंडी में प्रोसेसिंग प्लांट, सीए स्टोर के अलावा यहां ठहरने की सुविधा के अलावा कैफेटेरिया खोल दिए जाएंगे। मंडी की शिमला के साथ-साथ किन्नौर जिले के लिए भी अहम भूमिका है। पराला मंडी में सुविधाओं को लेकर करोड़ों रुपये का बजट खर्च किया जाएगा, जिसको लेकर मुख्यमंत्री ने पहले ही हामी भर दी है। वे शनिवार को पराला मंडी में बागवानों और आढ़तियों को पेश आ रही दिक्कतों का जायजा लेने के लिए पहुंचे थे।
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गौरतलब है कि वर्ष 2011 में पराला मंडी की नींव रखी गई, लेकिन पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। एपीएमसी अध्यक्ष के अनुसार मंडी 2015 में शुरू की गई थी। पूर्व कांग्रेस सरकार ने मंडी को पूरी तरह से अनदेखा किया। मंडी की मुख्य मांगों में यहां पेयजल की कमी है, जिसके लिए साथ लगती खड्ड से यहां के लिए पेयजल योजना बनाई जाए। वहीं मंत्री के साथ इस दौरान एपीएमसी अध्यक्ष नरेश शर्मा, एचपीएमसी अध्यक्ष बदलेव भंडारी, चौपाल विस क्षेत्र के विधायक बलवीर वर्मा, पूर्व विधायक राकेश वर्मा पूर्व, मंडल अध्यक्ष दीप राम वर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
मंत्री के बागीचे का सेब भी पराला मंडी आया
मंच पर बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि पराला मंडी कोई छोटी मंडी नहीं है। उनके बागीचे का सेब भी मंडी के प्रधान अनूप चौहान ने बेचा है। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अनूप चौहान ने बताया कि पराला मंडी में आठ दुकानों के सहारे पूरी मंडी को चलाया जा रहा है। रोजाना करीब 40 हजार के करीब पेटियां मंडी में आ रही हैं। वहीं मंडी में पानी, बैंक, एटीएम और ठहरने जैसी मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण बागवान और व्यापारी परेशान हो रहे हैं।
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एक माह में पहुंचे आला अधिकारी
करीब एक माह में पराला मंडी मेें व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए एपीएमसी, एचपीएमसी के चेयरमैन, मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा के अलावा शनिवार को बागवानी मंत्री स्वयं मंडी के हालात को जानने के लिए पहुंचे।
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