भावानगर में दशकों बाद भी सिरे नहीं चढ़ी सीवरेज योजना
मुख्य बाजार, आरएस कॉलोनी सहित कई जगह लोग झेल रहे परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। भावानगर कस्बे में ढाई दशक बाद भी सीवरेज योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। हालात यह हैं कि सीवरेज का गंदा पानी खुले में बह रहा है। इससे जहां वातावरण प्रदूषित हो रहा है, वहीं बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। मुख्य बाजार, आरएस कॉलोनी समेत कई क्षेत्रों के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।
सीवरेज प्रणाली के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार है, लेकिन बजट को मंजूरी नहीं मिल पाने के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसके चलते आरएस कॉलोनी, बीएसएनएल कार्यालय क्षेत्र, व्यापारिक परिसर, स्थानीय बाजार भावानगर और बिजली बोर्ड कॉलोनी सहित कई स्थानों पर सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इसका असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।
निचार खंड की 22 पंचायतों के हजारों लोग रोजाना उपमंडल मुख्यालय भावानगर में विभिन्न कार्यों के लिए आते हैं। इससे समस्या और गंभीर हो जाती है। खुले में बहता सीवर का पानी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। ग्रामीण लंबे समय से सरकार, जिला प्रशासन और जल शक्ति विभाग से कस्बे को सीवरेज प्रणाली से जोड़ने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हो पाई है।
पूर्व प्रधान बरी पंचायत विनोद जिंटू, पूर्व प्रधान निचार बसंती नेगी, पूर्व प्रधान रूपी रघुदास नेगी, पूर्व प्रधान चौरा विजय नेगी, पूर्व प्रधान तंराडा हरि भगत नेगी, पूर्व प्रधान सुंगरा आराधना नेगी, पूर्व उप प्रधान सुंगरा अजय नेगी और पूर्व उप प्रधान नाथपा संजय कुमार नेगी ने सरकार और जिला प्रशासन से जल्द सीवरेज प्रणाली शुरू करने की मांग उठाई है।
सीवरेज प्रणाली के लिए सर्वे कार्य पूरा हो चुका है और डीपीआर भी तैयार है। बजट के अभाव में कार्य शुरू नहीं हो पाया है। बजट मिलते ही प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू किया जाएगा।
-अभिषेक शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग रिकांगपिओ