8.50 लाख रुपये मुआवजे देने के भी आदेश
आरोपी को 17 अगस्त तक निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किन्नौर की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर अपील खारिज कर दी है। अदालत ने आरोपी चेत राम को सुनाई एक वर्ष के साधारण कारावास और शिकायतकर्ता को 8.50 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने आरोपी को 17 अगस्त तक निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं।
आनी के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने 27 सितंबर 2025 को चेत राम को परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया था। शिकायतकर्ता महिला ने अदालत को बताया था कि फरवरी-मार्च 2022 में आरोपी ने बैंक और दुकान के ऋण का हवाला देकर उनसे आठ लाख रुपये उधार लिए थे और एक माह में राशि लौटाने का वादा किया था। कई बार मांग करने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।
आरोपी ने 3 जून 2022 को आठ लाख का चेक दिया, लेकिन बैंक में बाउंस हो गया। इसके बाद कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन निर्धारित अवधि में न तो भुगतान किया गया और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया। आरोपी ने कहा कि उसने सुरक्षा के तौर पर एक खाली चेक दिया था। हालांकि, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि शिकायतकर्ता ने अपने दावे के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं, जबकि आरोपी अपने बचाव के पक्ष में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका।
अदालत ने कहा कि आरोपी का बचाव विश्वसनीय नहीं है और वह अपने पक्ष को साबित करने में असफल रहा।अदालत ने निचली अदालत के दोषसिद्धि और सजा के आदेश को सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी।