संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। नगर परिषद ठियोग में राजनीति फिर गरमा गई है। सोमवार को जहां नगर परिषद के उपाध्यक्ष पद से दिनेश शर्मा ने इस्तीफा दिया, वहीं मंगलवार को अध्यक्ष संजय शर्मा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ठियोग नगर परिषद की राजनीति में फिर हलचल मच गई है। दोनों पदों के खाली होने के बाद अब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपने पदाधिकारियों की तैनाती को लेकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। ठियोग की राजनीति में मंगलवार का दिन काफी अहम माना जाएगा। नगर परिषद के अध्यक्ष संजय शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बताया कि सोमवार को उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के इस्तीफा देने के बाद परिषद की राजनीति में एकबार फिर हलचल शुरू हो गई है। बीते वर्ष मार्च महीने में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर ताजपोशी हुई थी। सात पार्षदों के नगर परिषद में जहां कांग्रेस और भाजपा समर्थित पार्षद मुख्य पदों पर रहकर काम कर रहे थे, लेकिन इनके पदों के खाली हो जाने के बाद कांग्रेस और भाजपा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए कारगर व प्रभावी रणनीति बनाने की कोशिश करेगी। परिषद में कांग्रेस समर्थित पांच और भाजपा समर्थित दो पार्षद हैं, लेकिन आपसी विवाद के बाद कांग्रेस के पार्षदों ने पिछले वर्ष कांग्रेस के विवेक थापर के अध्यक्ष पद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। यह अविश्वास प्रस्ताव उस समय की उपाध्यक्ष रीना रॉय, जोकि कांग्रेस विचारधारा की मानी जाती है, के नेतृत्व में लाया गया था। विवेक थापर ने अविश्वास प्रस्ताव का सामना किए बगैर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद पूर्व शहरी अध्यक्ष अनिल ग्रोवर और विवेक थापर ने संजय शर्मा को अध्यक्ष पद और दिनेश शर्मा को उपाध्यक्ष पद के लिए समर्थन दिया था। वर्तमान घटनाक्रम के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए तीन महिला पार्षद, जिनमें पूर्व उपाध्यक्ष रीना रॉय, शीला वर्मा और नीतू मेहता क्या रुख अख्तियार करेंगी, यह देखना रोचक रहेगा।
व्यक्तिगत कारणों से दिया इस्तीफा
संजय शर्मा ने कहा कि जनता की सेवा के लिए राजनीति में काम करता आया हूं। व्यक्तिगत कारणों से अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है। भविष्य में जनता का सेवक बन कर काम करूंगा।
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