अब निरमंड के चिलानाल जंगल में भड़की आग, लोगों ने रात को काबू कर अपने घरों को बचाया
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निरमंड और रामपुर में नहीं थम रही जंगलों में आग की घटनाएं
कुछ लोगों की लापरवाही और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध न होने से उठ रहे सवालजंगलों में हर वर्ष लग रहे हजारों पौधे चढ़ जाते हैं आग की भेंट संवाद न्यूज एजेंसी रामपुर बुशहर/निरमंड।
अब यह किसकी भूल कहा जाए, जंगलों में धधक रही आग से वन संपदा धूल हो रही है, घर-बगीचे खतरे में हैं और वन्य जीवों पर हर घड़ी मौत का साया मंडरा रहा है। निरमंड और रामपुर उपमंडल के जंगल बीत कई दिनों से लगातार धधक रहे हैं। इस आग से करोड़ों की वन संपदा तबाह हो रही है। साथ ही वन्य जीव भी मारे जा रहे हैं। कुछ लोगों की लापरवाही वन संपदा और वन्य जीवों पर भारी पड़ रही है, वहीं धरातल पर वन विभाग न तो आग लगाने वालों पर कोई कार्रवाई कर पा रहा है और न ही जंगलों को आग से बचाने के पुख्ता प्रबंध हो पा रहे हैं। वन क्षेत्रों के बढ़ावा देने के मंचों से दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जंगलों की आग में यह दावे राख होते और नियम धुआं-धुआं उड़ते दिखाई दे रहे हैं। बीते शनिवार से निरमंड के साथ लगते चिलानाल क्षेत्र के जंगल आग से सुलग रहे हैं। इस आग से जंगल में लगे चील के पेड़ और वन संपदा को काफी क्षति पहुंची है। रविवार रात को भी तेज हवा के कारण कुछ ही समय में यह आग पूरे जंगल में फैल गई, जिससे कई घरों को भी खतरा पैदा हो गया। ग्रामीणों ने रात को कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और अपने घरों को बचाया। आग में कई चील के पेड़ जलकर राख हो गए हैं। निरमंड और बायल गांव के चारों तरफ धुआं ही धुआं हो गया है। जंगल में अभी भी कई जगह आग धधक रही है। ऐसे में प्रकृति का संरक्षण करने के बजाय इसे नुकसान पहुंचाने का क्रम लगातार जारी है। जनवरी माह की शुरुआत से ही रामपुर और निरमंड क्षेत्र में जंगल आग की भेंट चढ़ रहे हैं। उपमंडल रामपुर के 15/20, 12/20, तकलेच, नरैण बाहली, शिंगला सहित अन्य स्थानों में भी बीते दिनों जंगल की आग ने करोड़ों रुपये की क्षति पहुंचाई। उपमंडल निरमंड के नित्थर और निरमंड क्षेत्र में आग ने जंगल के पेड़ों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया है।
यह भी है आग लगने का अंदेशा
एक अंदेशे के अनुसार नई घास और कांटों को खत्म करने के लिए कुछ लोग जंगल में आग लगा देते हैं, लेकिन छोटे से लाभ के लिए लगाई जाने वाली यह आग समूचे जंगल को नुकसान पहुंचा रही है। वन्य जीव भी इस आग में मारे जाते हैं।
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अभियान भी स्वाह
जल और जंगल मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। जंगलों के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण का नारा देते हुए हर साल नए जंगल उगाने के लिए पौधरोपण अभियान चलते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन अभियानों को जंगल की आग स्वाह कर देती है।
वन विभाग के बार-बार आग्रह करने और अभियान चलाने के बावजूद जंगलों को आग के हवाले किया जा रहा है। आग से न केवल पेड़-पौधे नष्ट हो रहे हैं, बल्कि जीव जंतु भी मर रहे हैं। लोगों से जंगलों को आग से बचाने की अपील की है। चमन राव, डीएफओ लूहरी
चिलानाल के साथ लगते रंदल क्षेत्र में जंगल की ने वन संपदा को पहुंचा नुकसान। संवाद