. नित्थर के जंगल में लगे कूड़े-कचरे के ढेर, पर्यावरण संरक्षण के दावे हवा
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. पुलिस प्रशासन से शराबियों पर कार्रवाई करने की उठी मांग हितेश भारती नित्थर (कुल्लू)। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के सरकार और वन विभाग भले ही लाख दावे करे लेकिन नित्थर के हरे-भरे जंगल पर कचरे से दाग लग रहा है। यहां जगह-जगह प्लास्टिक, शराब की बोतलों और कूड़े-कचरे के ढेर लगे हुए हैं। नियमों को ताक पर रखकर जंगल में कूड़ा-कचरा ठिकाने लगाया जा रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से जंगल में शराब पीकर कचरा फैलाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उप तहसील नित्थर के शिलाबंगला फॉरेस्ट साइट और नित्थर-लूहरी सड़क पर पानीधार के पास प्लास्टिक कचरा और शराब की खाली बोतलों के ढेर लगे हुए हैं। जंगल के कई हिस्सों में इतना कचरा फैल गया है कि स्थानीय महिलाओं और बच्चों का वहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। टूटी हुई शराब की बोतलें हर जगह बिखरी पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल अब कुछ लोगों के लिए शराब पीने का अड्डा बन गया है। पीने के बाद लोग बोतलें और प्लास्टिक का कचरा वहीं फेंक कर चले जाते हैं। इसकी शिकायत को लेकर स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से कड़ा संज्ञान लेने की गुहार लगाई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो जंगल की स्थिति और बदतर हो जाएगी। कुछ वर्ष पूर्व जिज्ञासा फाउंडेशन के बैनर तले शिलाबंगला फॉरेस्ट साइट में सफाई अभियान चलाया गया था और जंगल को कचरा मुक्त किया गया था लेकिन आज उसी जंगल की हालत देखकर निराशा होती है। उन्होंने वन विभाग को जंगल में नियमित गश्त बढ़ाने और शराब पीकर कचरा फैलाने वालों पर जुर्माना लगाना चाहिए। जंगल के प्रवेश द्वारों पर चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है। साथ ही स्थानीय लोग भी नियमों के विपरीत कचरा प्रबंधन में आम नागरिकों का भी सहयोग जरूरी है। स्थानीय संस्थाओं, महिला मंडल और युवा क्लबों को भी जंगल को स्वच्छ बनाने में अहम योगदान देना चाहिए।
पुलिस लगाएगी गश्त
पुलिस उपाधीक्षक आनी राजीव मेहता ने कहा कि पुलिस जंगल में गश्त लगाएगी ताकि जंगल भी साफ रहे और महिलाओं बच्चों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो।