चार सीटर वाहन में कहां रखें कूड़ादान, कचरा फेंकने की जगह भी नहीं सुनिश्चित
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन को लेकर कानून तो लागू हुआ, लेकिन सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र से जुड़े लोग अभी इस कानून से अनभिज्ञ हैं। रामपुर क्षेत्र में टैक्सी, बस, ट्रक और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी यूनियनों को न तो इस बारे में कोई निर्देश मिले हैं और न ही कचरा प्रबंधन की व्यवस्था के बारे में कोई जानकारी है। बस सरकार ने कानून बनाकर इसकी पालना सुनिश्चित करने के फरमान जारी किए हैं। 29 अप्रैल से लागू हुए इस कानून से अब भी चालक बेखबर हैं।
गौर हो कि हिमाचल प्रदेश पर्यावरण, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने पर्यावरण को बचाने और कचरा प्रबंधन की बढ़ती समस्या को रोकने के लिए कार बिन रखने का खाका तैयार तो किया, लेकिन धरातल पर इस कानून को कैसे लागू किया जाए, इसे लेकर अभी तक कोई रूपरेखा तैयार नहीं हो पाई है। सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन से जुड़े लोगों को इस कानून के बारे में न तो जागरूक किया गया है और न ही सरकार के निर्देशों की कोई सूचना दी गई है। बिना जागरुकता के वाहन चालकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मंगलवार को जब यह कानून लागू हुआ, तो रामपुर के चौधरी अड्डा स्थित बस चालक ने बताया कि यह कूड़ादान कौन सा स्थापित करना है और बस में कहां लगाना है, इस बारे कोई जानकारी नहीं है। कचरे का निष्पादन किस प्रकार किया जाना है, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। वहीं, टैक्सी ऑपरेटर यूनियन का कहना है कि चार सीटर वाहन में कूड़ादान कहां रखें, ऐसी टैक्सियों में बैठने की ही व्यवस्था रहती है। यूनियन का कहना है कि कचरा प्रबंधन के लिए कानून लागू करना सही है, लेकिन पुख्ता बंदोबस्त के कानून लागू करना कैसे संभव है। यूनियन ने कहा कि कचरा एकत्रित करना मुश्किल नहीं है, लेकिन उसे कहां ठिकाने लगाना है, इसे लेकर भी कोई जानकारी नहीं है। शहर में सभी सार्वजनिक परिवहन वाहनों में अब तक कार बिन लगाने की शुरुआत नहीं हो पाई है। खैर, कब तक यह कानून धरातल पर पूरी तरह से उतरता है, इस बारे में कुछ कहना मुश्किल है। हालांकि, नए वाहनों की पासिंग के वक्त कार बिन लगाना सुनिश्चित किया गया है।
कानून को लेकर न तो प्रशासन और न ही परिवहन विभाग की ओर से उन्हें कोई दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के टैक्सी ऑपरेटरों से पहले ही ग्रीन टैक्स लिया जा रहा है, जो तर्क संगत नहीं है। ऐसे में सरकार के इस कानून से टैक्सी चालकों पर और आर्थिक मार पड़ेगी। उन्होंने प्रदेश सरकार से कानून में प्रावधान कर जुर्माने की राशि को घटाने की मांग की है।
- प्रेम सिंह, अध्यक्ष, टैक्सी ऑपरेटर यूनियन रामपुर
आगामी दिनों में इस कानून को लेकर व्यापक स्तर पर जागरुकता फैलाई जाएगी। बसों में चालक के पास कूड़ादान लगेंगे, जबकि छोटे वाहनों को भी इसकी व्यवस्था करना जरूरी है।
- जसपाल सिंह नेगी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रामपुर
- संवाद
रामपुर में टैक्सियों में नहीं लगे कार बिन, चालकों में असमंजस का माहौल। संवाद