फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: एनएच-305 का निर्माण 14 साल से लटका

विज्ञापन
विज्ञापन
आनी क्षेत्र की जनता डबललेन सड़क और जलोड़ी टनल का कर रही इंतजार
विज्ञापन

राजनीतिक घोषणाओं और प्रशासनिक प्रक्रिया के बीच अटका मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। वर्ष 2012 में अधिसूचित राष्ट्रीय उच्च मार्ग (एनएच)-305 आज भी राजनीतिक घोषणाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बीच अटका हुआ है। करीब 14 वर्ष बीत जाने के बावजूद इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। नतीजतन, आनी विधानसभा क्षेत्र के लोगों को आज भी डबललेन सड़क और प्रस्तावित जलोड़ी टनल का इंतजार है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि हर चुनाव में यह मुद्दा प्रमुखता से उठता है, लेकिन अभी तक दावे धरातल पर नहीं उतर सके हैं। एनएच-305, एनएच-03 को एनएच-05 से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके निर्माण से कुल्लू और शिमला के बीच आवागमन आसान होने के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क की मौजूदा स्थिति और संकीर्ण मार्ग के कारण पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित होती है, जबकि बढ़ते वाहनों के दबाव से जाम की समस्या लगातार बढ़ रही है। जानकारी के अनुसार, परियोजना के पहले चरण में सैंज से कंडूगाड़ तक करीब 32 किलोमीटर सड़क को डबललेन बनाया जाना प्रस्तावित है। एक वर्ष पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और भू-अधिग्रहण से संबंधित दस्तावेज केंद्रीय मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेजे जा चुके हैं। हालांकि, अंतिम मंजूरी अभी तक नहीं मिल पाई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया को गति दी जा सकेगी। खनाग निवासी धर्मेंद्र ठाकुर और विनोद वर्मा का कहना है कि 14 साल से लोग एनएच-305 के शुरू होने की राह देख रहे हैं। उनका कहना है कि बेहतर सड़क सुविधा के अभाव में क्षेत्र का पर्यटन अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया है। साथ ही वाहनों की संख्या बढ़ने से आए दिन जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि चुनावों के दौरान नेताओं ने इस सड़क को प्रमुख मुद्दा बनाया, लेकिन आज तक कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दी।
विज्ञापन

सैंज से कंडूगाड़ तक की डीपीआर मंत्रालय को भेजी जा चुकी है। वर्तमान में विशेषज्ञ टीम प्रस्तावित मार्ग पर संभावित भूस्खलन के जोखिम का आकलन कर रही है। जांच पूरी होने और अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही अगली कार्रवाई संभव होगी। - केएल सुमन, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें