केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय से मिली मंजूरी, एनएचएआई 35 करोड़ की लागत से बनाएगा, रामपुर से झाकड़ी आधा किलोमीटर घटेगी दूरी
पशाडा खड्ड में भूस्खलन से एनएच पांच पर खतरों भरा बना रहता है सफर
धर्मेंद्र सिंह बोज्ञाटो
रामपुर बुशहर। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण एनएच-पांच पशाडा खड्ड के पास लगातार होने वाले भूस्खलन और पत्थरों के गिरने की समस्या से जल्द हजारों लोगों को निजात मिलेगी। रामपुर-झाकड़ी एनएच-पांच के बीच पशाडा खड्ड के पास वर्षों से पत्थर गिरने का सिलसिला चल रहा है, जिससे जल्द ही तीन जिले के हजारों लोगों सहित देश सीमा पर तैनात भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवानों को हमेशा के लिए निजात मिलेगी। एनएचएआई जल्द पशाडा खड्ड में पुल का निर्माण करेगा, जिससे यहां सफर सुरक्षित होगा। साथ ही रामपुर से झाकड़ी की दूरी आधा किलोमीटर कम होगी।
बताते चलें कि पशाडा खड्ड में ऊपरी पहाड़ी से अचानक कब पत्थर गिर जाए, इसका पता ही नहीं चलता। ऐसे में यहां सफर करना जानलेवा बना रहता है। इस स्थान पर बरसात और बर्फबारी के दिनों में एनएच पांच बार-बार पत्थरों के गिरने से अवरुद्ध होता रहता है। ऐसे में शिमला जिले के कई इलाकों सहित किन्नौर और लाहौल-स्पीति का संपर्क कट जाता है। हजारों लोगों की इस समस्या को देखते हुए एनएचएआई ने एस्टीमेट और डीपीपार तैयार कर केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय को भेजी थी। केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय से पशाडा खड्ड में पुल निर्माण के लिए मंजूरी मिल गई है। जानकारी के अनुसार, पशाडा खड्ड में 35 करोड़ रुपये की लागत से 125 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा। इस पुल के बनने से यहां होने वाले भूस्खलन से तो निजात मिलेगी ही, साथ ही झाकड़ी की दूरी 500 मीटर कम होगी। पुल का निर्माण होने से भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात भारतीय सेना, पैरामिलिट्री, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जाने वाले हजारों लोगों को खतरों से राहत मिलेगी। केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय से 35 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत होने के बाद एनएचएआई ने पुल निर्माण की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होते ही भव्य पुल का निर्माण किया जाएगा।
पशाडा खड्ड के पास पुल निर्माण को लेकर केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय से 35 करोड़ रुपये बजट की पुल निर्माण के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दिया है। जल्द ही 125 मीटर लंबा पुल का निर्माण किया जाएगा।
- केएल सुमन, एक्सईएन, एनएचएआई रामपुर