भावानगर (किन्नौर)। विधिक साक्षरता शिविर को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी से अवगत करवाना है और किस तरह से व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है, इस बारे जागरूक करना है। यह बात सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं एसीजीएम किन्नौर जितेंद्र सैणी ने सोमवार को खंड विकास अधिकारी कार्यालय भावानगर के सम्मेलन कक्ष में आयोजित शिविर के दौरान कही।
उन्होंने ग्रामीणों और उपस्थित महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि महिला और बच्चे, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोग, औद्योगिक कामगार बड़े पैमाने पर आपदा, हिंसा, बाढ़, सूखा, भूकंप व औद्योगिक आपदा से पीड़ित, विकलांग व्यक्ति, हिरासत में व्यक्ति सहित वे व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं है, मुफ्त कानूनी सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कोई भी गरीब और कमजोर वर्ग का व्यक्ति टोल फ्री नंबर-15100 पर संपर्क स्थापित कर निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि 14 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लोग अपने विभिन्न प्रकार के मामलों का निपटान सुनिश्चित कर सकते हैं। इस मौके पर पैनल अधिवक्ता प्रेम लता और खंड विकास अधिकारी निचार प्यारे लाल सहित कई अन्य उपस्थित रहे। संवाद