रकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले का ऐतिहासिक पारंपरिक एक दिवसीय कश्मीर मेला सोमवार को कोठी पंचायत के कश्मीर गांव में धूमधाम से मनाया गया। मेले में कोठी गांव की देवी चंडिका, ख्वांगी गांव के ईष्ट देवता, कल्पा गांव के देवता विष्णु और देवता नरेनस ने शिरकत की। गांव के लोगों ने तीन देवताओं और एक देवी चंडिका कोठी का पारंपरिक वेशभूषा में स्वागत किया। मेले के दौरान ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर पारंपरिक नृत्य किया। मंदिर परिसर में देर शाम तक 9 गावों की महिलाओं, पुरुषों और युवतियों ने नाटी डाली।
कोठी चंडिका मंदिर कमेटी के राजेेद्र नेगी और महेश ने बताया कि कश्मीर मेला हमेशा सावनियों को खुश करने के लिए मनाया जाता है। इस साल भी लोगों ने इस मेले को धूमधाम से मनाया। मेले में सायराग के आसपास के गांवों के लोग शामिल हुए और सभी ने मेले का खूब आनंद उठाया।