रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर के पुनर्सीमांकन को लेकर जिला प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना के बाद संबंधित वार्डों के पार्षदों को 10 दिन के भीतर अपील करने समय दिया गया है।
पुनर्सीमांकन के बाद वार्ड आठ और नौ के हजारों बाशिंदों ने राहत की सांस ली है। अब तक इन दोनों वार्डों के लोग केवल टैक्स देने तक ही सीमित थे, जबकि विकास के नाम पर इन दोनों वार्डों में बीते पांच वर्षों में कुछ खास नहीं हो पाया है। ऐसे में दोनों वार्डों का विघटन कर चार वार्डों में बंटने से यहां के हालात बदलने के आसार हो गए हैं। नगर परिषद का पुनर्सीमांकन होने से आगामी समय में होने वाले नगर परिषद के चुनाव में भी इसका असर देखने को मिलेगा।
गौरतलब है कि पांच वर्ष पहले नगर परिषद का दायरा बढ़ाया गया था और नप में सात की जगह नौ वार्ड बनाए गए थे। दो नए वार्डोें में वार्ड आठ डकोलढ़ और वार्ड नौ खनेरी को जोड़ा गया था। खनेरी वार्ड में रचोली पंचायत का, जबकि डकोलढ़ वार्ड में शिंगला पंचायत का कुछ क्षेत्र शामिल किया गया था। इसके बाद इन वार्डों के विकास को लेकर कई प्रस्ताव रखे गए। हालांकि, वार्डों में बिजली, सीवरेज और रास्तों के विकास को लेकर कार्य शुरू तो हुए, लेकिन नगर परिषद में मची राजनीतिक उथल-पुथल के कारण लंबे समय तक कार्य प्रभावित हुए। दोनों वार्डों के लोग केवल टैक्स देने तक ही सीमित हैं, जबकि यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में इन दोनों वार्डों का विघटन कर चार वार्ड बनने से इन क्षेत्रों में विकास को पंख लगेंगे। दोनों वार्डों की जनता वार्डों का विघटन करने की मांग कर रहे थी। इस संबंध में उपायुक्त के साथ बैठक कर चर्चा भी हुई थी। वहीं, रामपुर शहर के चार वार्डों को मर्ज कर दो वार्ड बनने से शहर वासियों में निराशा है, लेकिन जिला प्रशासन ने वर्ष 2011 की जनगणना को आधार मानते हुए आबादी के हिसाब से वार्डों को मर्ज करने का फैसला लिया है।
वार्ड नंबर नौ के पार्षद विशेषर लाल ने बताया कि खनेरी वार्ड के दो वार्ड बनने से क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्र से सटी आबादी को अब विकास की आस जगी है। खनेरी वार्ड में प्रशासनिक दल के साथ निरीक्षण पूरा कर लिया गया है। दो वार्ड बनने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। चूहाबाग के पास बने डिवाइडर से आईटीआई होते हुए राहु पीपल तक वार्ड आठ और रेवेन्यू विलेज खनेरी से लेकर एचएस कॉलोनी, लोअर खनेरी, जखो और अस्पताल तक नौ वार्ड की सीमा रहेगी।
नगर परिषद अध्यक्ष सुमन घाघटा ने बताया कि आबादी के मुताबिक नगर परिषद का पुनर्सीमांकन किया गया है। मर्ज हुए वार्डों के पार्षद 10 दिन के भीतर अपनी अपील दायर कर सकते हैं।
अब राजनीतिक समीकरण भी बदलेंगे
नए वार्डों के गठन के आगामी समय में होने वाले नगर परिषद चुनाव में इसका अच्छा खासा असर देखने को मिलेगा। नगर परिषद में अब तक शहर से संबंधित ही पार्षद अध्यक्ष पद की दावेदारी जताते रहे हैं, लेकिन अब शहर के वार्ड मर्ज होने और दो वार्डों का विघटन कर दो नए वार्ड बनने से राजनीतिक समीकरण भी बदलेंगे। नप में खनेरी और डकोलढ़ वार्ड को जोड़ते समय टैक्स वसूली तो बढ़ी, लेकिन अब ये दोनों वार्ड ही नप के भावी अध्यक्ष का चयन करने में अहम भूमिका निभाएंगे। मुख्य शहर में पहले जहां छह वार्ड थे, अब उनकी संख्या घटकर चार हो गई है। ऐसे में नौ वार्डों वाली नगर परिषद रामपुर में अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए पहले की अपेक्षा उम्मीदवारों को खासी जद्दोजहद करनी होगी।