श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति राष्टीय वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेता निर्णायक मंडल के साथ।
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रामपुर बुशहर। एक देश में जब एक कर प्रणाली लागू हो सकती है तो एक समय में चुनाव भी करवाए जा सकते हैं, लेकिन एक देश में एक चुनाव संभव नहीं है। इससे जहां आर्थिक बोझ बढ़ेगा वहीं सुरक्षा व्यवस्था भी चरमरा सकती है। ऐसे ही कई मुद्दों को लेकर विभिन्न कॉलेजों से आए छात्र-छात्राओं ने तीखी बहस की। पीजी कॉलेज रामपुर में सोमवार को श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति विचार प्रवाह राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में विभिन्न वक्ताओं ने एक देश, एक चुनाव विषय को लेकर पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता में चार टीमों ने भाग लिया। एक देश, एक चुनाव का पक्ष लेते हुए वक्ताओं ने कहा कि लोक सभा और विधान सभा चुनाव यदि एक समय होते हैं तो इससे धन की काफी बचत होगी। मतदाताओं को भी एक ही बार में राज्य और केंद्र सरकार चुनने का मौका मिलेगा। वहीं विपक्षी वक्ताओं ने कटाक्ष करते हुए कहा कि एक समय में केंद्र और राज्य के चुनाव होने से क्षेत्रीय पार्टियों का वजूद समाप्त हो जाएगा। इससे ईवीएम और वीवीपैट का खर्चा तो बढ़ेगा ही वहीं चुनाव के दौरान की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था पर विपरीत असर पड़ेगा।
प्रतियोगिता की प्रथम विजेता टीम को पांच हजार रुपये का नकद इनाम दिया गया। दूसरे स्थान पर आने वाली टीम को तीन हजार, तीसरे स्थान पर रही टीम को दो हजार जबकि एक प्रतिभागी टीम को एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया गया। इस मौके पर रामपुर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. केसी कश्यप ने बतौर मुख्यातिथि मौजूद होकर सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से नए विचारों का प्रतिपादन होता है और बच्चों में आत्मविश्वास की भी बढ़ोतरी होती है। अमर उजाला की गई यह पहल काफी सराहनीय है।
ये टीम हुईं सम्मानित
श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में पीजी कॉलेज रामपुर की मुस्कान और रुचि शर्मा प्रथम रहीं। कुमारसैन कॉलेज के सौरव और प्रीतिका की टीम दूसरे स्थान पर रही। राजकीय महाविद्यालय ननखड़ी की मोनिका और निधि की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा राजकीय महाविद्यालय निरमंड की रेखा और बबीता को प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इन्होंने निभाई निर्णायक मंडल की भूमिका
अमर उजाला श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में डॉ. रामलाल नेगी, प्रो. नोरबू नेगी और प्रो. हेमलता ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। निर्णायकों ने अमर उजाला की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं के आयोजन से विद्यार्थियों को प्रदेश और राज्य स्तर में जाने का एक मंच प्राप्त होता है।