नोगली(रामपुर बुशहर)। रामपुर विकास खंड की भड़ावली पंचायत में रविवार को आयोजित ग्राम सभा में पंचायत मुर्दाबाद के नारे खूब गूंजे। ग्रामीणों ने ग्राम सभा में जब विकास कार्यों के नाम पर किए गए कई घोटालों के बारे सवाल पूछे तो पंचायत प्रधान कुर्सी छोड़ कर भाग गईं। इसके बाद ग्रामीणों ने मुर्दाबाद के नारे लगाए। प्रदेश का शायद यह पहला ऐसा मामला सामने आया है, जहां पंचायत प्रधान भरी ग्राम सभा में जनसमूह को बीच में छोड़ कर चला गया हो। उसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गई और पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने का सिलसिला शुरू हो गया है।
उल्लेखनीय है कि रविवार को भड़ावली पंचायत में ग्राम सभा का आयोजन पंचायत प्रधान सत्या कायथ की अध्यक्षता में हुआ। ग्राम सभा की शुरुआत में राजपुरा परियोजना में प्रभावितों को रोजगार न मिलने का मुद्दा खूब गर्माया। उसके बाद ग्रामीणों ने अपने-अपने इलाके में हुए विभिन्न विकास कार्यों को लेकर कई सवाल उठाए। ग्रामीणों ने पंचायत पर मनमानी से कार्य करने के आरोप भी जड़े। नोगली वार्ड के बाशिंदों ने ग्राम सभा में नोगली के लिए स्वीकृत हुई 9 सोलर लाइटों के बारे में पंच सदस्य से पूछा तो उन्होंने कहा कि पंचायत प्रधान ने उन्हें केवल चार ही लाइटें मुहैया करवाई। ऐसे में ग्रामीणों ने पंचायत से जब इस बारे पूछना चाहा तो पंचायत प्रधान कुर्सी छोड़ कर ग्राम सभा से भाग गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कहा कि पंचायत में लाखों रुपये के घोटाले हुए हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा में सैकड़ों लोग मौजूद थे, जिनका पंचायत प्रधान ने सभा छोड़ कर अपमान किया है। ग्रामीणों ने पंचायत के 4 साल के कार्यकाल को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने पंचायत प्रधान को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है।
ग्राम सुधार कमेटी के अध्यक्ष त्रिलोक कायथ, मुख्य सलाहकार मोहन सिंह, राकेश चौहान, केआर मेहता, टीआर खिमटा, अंकु चौहान, राजेश चौहान, बुद्धि सिंह, रिंकू, किशोर नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जब ग्राम सभा में विकास कार्यों को लेकर प्रधान से सवाल पूछे तो उन्होंने बीडीओ से इस संबंध में बात करने को कहा। दिनभर ग्रामीण भूखे प्यासे पंचायत में प्रधान की वापसी का इंतजार करते रहे, लेकिन वह नहीं लौटी। ग्राम सभा में विकास कार्यों को लेकर कोई चर्चा नहीं हो पाई। ऐसे में पंचायत के विकास कार्य कैसे होंगे और इसके लिए कौन जिम्मेवार होगा। उन्होंने प्रदेश सरकार, पंचायती राज विभाग, एसडीएम और बीडीओ से इस संबंध में उचित कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में सरकारी पैसों का दुरुपयोग न हो।