संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। आखिर 11 माह की लंबी अवधि के बाद नगर परिषद रामपुर के रिक्त पड़े अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदों को भरने पर फैसला आया है। बीते वर्ष अगस्त माह में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद दोनों पद रिक्त हैं। इस कारण अध्यक्ष और उपाध्यक्ष न होने से नगर परिषद के दर्जनों कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अब दोनों पदों के भरने से नगर परिषद के विकास कार्यों को अमली जामा पहनाया जा सकेगा। अब उपमंडलाधिकारी रामपुर निशांत तोमर की अध्यक्षता में बुधवार 10 जुलाई को सुबह 11 बजे नगर परिषद कार्यालय में चुनावी प्रक्रिया शुरू होगी। गौर हो कि नगर परिषद रामपुर में अविश्वास प्रस्ताव के बाद रिक्त पड़े अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए 10 जुलाई को चुनाव होंगे। इसको लेकर उपमंडलाधिकारी रामपुर निशांत तोमर ने अधिसूचना जारी कर दी है। बताते चलें कि बीते वर्ष अगस्त माह में कांग्रेस समर्थित रामपुर नगर परिषद में कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पारित कर उपायुक्त शिमला को सौंपा था। नगर परिषद के नौ वार्डों में कांग्रेस समर्थित सात पार्षद हैं।
इस अविश्वास प्रस्ताव के चलते नप अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी। उसके बाद एक बार फिर चुनाव की तिथि जारी की गई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से चुनाव स्थगित हो गए। बीते करीब एक वर्ष से नगर परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष न होने के कारण नगर परिषद के दर्जनों विकास कार्यों पर मुहर नहीं लग पा रही। सबसे अधिक नगर परिषद के पुनर्सीमांकन कर बने नए चार वार्डों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। नप क्षेत्र के रह रहे लोगों के लंबे इंतजार के बाद अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की जल्द तैनाती होगी और विकास कार्यों को गति मिल सकेगी।
एसडीएम निशांत तोमर ने बताया कि नगर परिषद सभागार में 10 जुलाई को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव आयोजित होंगे। यदि उस दिन कोरम पूरा नहीं होता है तो अगले तीन दिन के भीतर ही दूसरी तिथि निर्धारित की जाएगी।