नगर परिषद और ठेकेदारों के बीच हुई बैठक में लिए कई फैसले
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर के पास ठेकेदारों की करीब एक करोड़ रुपये की देनदारी है। ऐसे में नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। टेंडर आवंटित होने के बाद भी वार्डों में विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। शुक्रवार को नगर परिषद रामपुर और ठेकेदारों के बीच बैठक हुई। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई और कई निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद की अध्यक्ष मुस्कान चारस ने की। बैठक में कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी विशेष रूप से मौजूद रहे।
रामपुर में करीब 32 कार्य ऐसे हैं, जिनके टेंडर हो चुके हैं, लेकिन उन पर काम शुरू नहीं हो पाया है। वहीं, ठेकेदारों का कहना है कि नगर परिषद उनके पुराने बिल पास नहीं कर रहा है। काफी समय से बिल पेंडिंग पड़े हैं। ऐसे में अगला काम कैसे शुरू करें। जो काम दिया जाता है, उसका टेंडर साइट देखकर नहीं बनाया जाता।
ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि जो काम आज पूरा कर दिया जाता है, उसका निरीक्षण करने में नप के तकनीकी कर्मचारी काफी लेटलतीफी करते हैं। इस दौरान अगर उस काम को प्राकृतिक आपदा से नुकसान पहुंचाता है तो नगर परिषद उनके बिल रोक देती है। बैठक में फैसला लिया कि हर ठेकेदार के दो-दो बिल पास कर दिए जाएंगे।
साथ ही ठेकेदारों को निर्देश जारी किए गए कि जो काम वे नहीं कर रहे हैं, उन्हें जल्द सरेंडर कर दिया जाए, ताकि नए टेंडर लगाए जाएं। इस पर ठेकेदारों ने भी हामी भरी। ठेकेदारों ने मांग उठाई कि उनके कार्य पूर्ण किए हुए टेंडरों के बिल को जल्द से जल्द बनाया जाए। वहीं, कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने सहायक और कनिष्ठ अभियंता को निर्देश दिए कि साइट पर जाकर कार्यों की जांच करें और हर ठेकेदारों को भुगतान किया जाए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। इस मौके पर पार्षद अश्वनी, गिरीश गौतम सहित कई अन्य मौजूद रहे।