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Rampur Bushahar News: नालागढ़ अस्पताल में मेडिसिन, ईएनटी, स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं

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रेडियोलॉजिस्ट न होने पर भी मरीज जा रहे निजी क्लीनिक
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900 की प्रतिदिन रहती है ओपीडी, मरीज होते है परेशान
कई बार उच्चाधिकारियों के साथ किया जा चुका है पत्राचार
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नालागढ़ में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी खलती जा रही है। हालत यह है कि नालागढ़ अस्पताल में मेडिसिन, ईएनटी, स्त्री रोग विशेषज्ञ तक नहीं हैं। इसी के साथ रेडियोलॉजिस्ट का पद काफी समय से खाली चला हुआ है। ऐसे में मरीजों को अस्पताल में बेहतर व्यवस्थाएं नहीं मिल पा रही है। दूरदराज क्षेत्र से आने वाले मरीजों को अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा न मिल पाने से निजी क्लीनिक का रुख करना पड़ रहा है। हैरत की बात तो यह है कि अस्पताल की ओपीडी करीब 900 प्रतिदिन रहती है। इसके बावजूद अस्पताल में व्यवस्थाओं को सुधारने का नाम तक सरकार नहीं ले रही है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, पहले दो स्त्री रोग विशेषज्ञ पद पर तैनात थे, लेकिन कुछ माह पहले यहां से एक चिकित्सक चली गई है। अब एक ही चिकित्सक के सहारे ओपीडी चली हुई है। यही नहीं अस्पताल में तीन साल से रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। रेडियोलॉजिस्ट न होने से लोगों को अल्ट्रासाउंड के लिए भटकना पड़ रहा है। खासकर गर्भवती महिलाओं व बुर्जुगों को यह समस्या आ रही है। यहां कुछ माह पूर्व एक रेडियोलॉजिस्ट का स्थानांतरण हुआ, लेकिन उसने यहां पर अपना कार्यभार नहीं सभाला। स्वास्थ्य विभाग ने यहां पर एक सामान्य रोग के चिकित्सक को इसका प्रशिक्षण भी कराया था, लेकिन उसके पास समय न होने से वह भी नहीं कर पा रहा है।
इसी तरह ईएनटी विशेषज्ञ का पद यहां पर काफी समय से खाली चल रहा है। नाक, गला और कान के रोगियों को उपचार के लिए अन्य अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। मेडिसिन विशेषज्ञ न होने से यहां के रोगियों को उपचार के लिए पीजीआई जाना पड़ रहा है।
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15 चिकित्सकों के पद स्वीकृत
नालागढ़ विकास मंच के अध्यक्ष नरेश घई, भाजपा युवा मोर्चा के प्रवक्ता सौरभ धीमान ने कहा कि सरकार नालागढ़ अस्पताल के लिए 15 चिकित्सकों के पद स्वीकृत किए हैं, लेकिन वर्तमान 11 चिकित्सक ही तैनात है। विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से रोगियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों ने यहां रिक्त पद भरने की मांग की है। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने बताया कि अस्पताल में रिक्त पदों को लेकर उच्च अधिकारियों को लिखित रूप में अवगत कराया गया है।
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