बीडीओ कार्यालय में स्टाफ न होने से 36 पंचायतों के विकास कार्य हो रहे प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल के अंतर्गत खंड विकास अधिकारी कार्यालय में स्टाफ की कमी के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बीडीओ न होने से पंचायत के कई विकास कार्य और अन्य कार्यों को पूरा करने में देरी हो रही है। वर्तमान समय में बीडीओ कार्यालय में बीडीओ, अधीक्षक लेखाकार और एसईबीपीओ के पद रिक्त पड़े हैं।
बीडीओ न होने से बिलों की अदायगी करने में भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। 36 पंचायतों को अपने आवश्यक दस्तावेज और रास्ते, बिल और मनरेगा के कार्यों समेत अन्य औपचारिकताओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। बता दें कि रामपुर बीडीओ का करीब दो महीने पहले स्थानांतरण हो गया था। उसके बाद बाद अधीक्षक कार्यवाहक को बीडीओ का कार्यभार सौंपा गया, लेकिन 31 अगस्त को वे भी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
रामपुर बीडीओ कार्यालय में 36 पंचायतों के विकास कार्यों का लेखा-जोखा होता है, लेकिन बीडीओ कार्यालय रामपुर में स्टाफ न होने के कारण पंचायतों के विकास कार्यों को पूरा कैसे किया जाएगा। बीडीओ कार्यालय का पंचायतों के विकास कार्यों में सीधा संपर्क रहता है। सभी विकास कार्यों की स्वीकृति और कागजी औपचारिकताएं इस कार्यालय से पूरी की जाती हैं, लेकिन कर्मचारियों की भारी कमी के कारण विकास कार्य समय पर पूरे कैसे होंगे। लालसा पंचायत के प्रधान मोहन लाल, कुहल की प्रधान मीरा खाची, देलठ के प्रधान संजीव कायत, मुनीश के प्रधान भजन दास, दरकाली के प्रधान गुलजारी लाल, रचोली की प्रधान वीना शडेल और शिंगला के प्रधान राज कुमार ने बताया कि बीडीओ और अन्य स्टाफ न होने से पंचायत के विकास कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से बीडीओ कार्यालय में रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग की है।