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Rampur Bushahar News: लूहरी परियोजना प्रभावित की मांगों को खोलेंगे मोर्चा, 24 को प्रदर्शन

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नित्थर में बैठक आयोजित कर रणनीति तैयार करते लूहरी परियोजना प्रभावित। स्रोत : सभा
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प्रदूषण और दरारों का मुआवजा, रोजगार देने की मांग उठा रहे हैं परियोजना प्रभावित
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गांव-गांव में बैठकें कर रणनीति बना रही किसान सभा, समस्याओं पर हो रहा मंथन
सरकार, प्रशासन और परियोजना प्रबंधन मांगों को पूरी करने में विफल रहने का आरोप

संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन लूहरी जल विद्युत परियोजना प्रभावितों ने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शिमला और कुल्लू जिले की विभिन्न पंचायतों के प्रभावित रोजगार, एकमुश्त राशि, प्रदूषण और दरारों के मुआवजे से वंचित हैं। प्रभावित 24 अप्रैल को परियोजना के खिलाफ लूहरी में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
हिमाचल किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी मांगों को लेकर 24 अप्रैल को निरथ में प्रदर्शन करेगी। इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए रविवार को ननखड़ी की बड़ाच, शरण, नित्थर के ढमाह, निंथा, घरोली और झल्ली गांव में बैठकें हुईं।
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इससे पूर्व किसान सभा ने आनस, धनाह, चेबड़ी, धार, चारमाला, डोई, शरण और बरकेली गांव में रणनीति तैयार की। परियोजना प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद, अध्यक्ष कृष्णा राणा, कपिल ठाकुर, प्रेम चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार, प्रशासन और निगम प्रबंधन किसानों की मांगों और समस्याओं के समाधान में विफल रहा है। किसानों की समस्याओं को निगम प्रबंधन के समक्ष रखने और लिखित समझौतों के बावजूद प्रभावित खाली हाथ हैं।
यह परियोजना 2021 में बननी शुरू हुई थी। धूल व ब्लास्टिंग से फसलों व मकानों को नुकसान हुआ था, जिसकी भरपाई अब तक नहीं हो पाई। ग्राम पंचायत शमाथला, भूटी, फाटी देहरा, बायल और गड़ेज में सर्वे के बावजूद फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया। ब्लास्टिंग से नित्थर, भूटी, करांगला और बढ़ाच पंचायत के प्रभावितों के मकानों को हुए नुकसान का मुआवजा भी लटका है।
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परियोजना निर्माण के लिए भूमि देने वाले 120 परिवारों को रोजगार के बदले एकमुश्त राशि दी जानी थी, जो अब तक नहीं दी गई है। बरकेली में भी 33 परिवारों को फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि एसजेवीएन ने परियोजना के निर्माण के समय से ही लोगों को ठगने का काम किया है। उन्होंने कहा कि किसान सभा प्रभावित किसानों के साथ खड़ी है। किसान सभा ने फसलों के नुकसान, मकानों में आई दरारों का मुआवजा, एकमुश्त राशि तुरंत जारी करने, नौजवानों को रोजगार देने और सर्वे होने वाले स्थानों पर सर्वे करने की मांग उठाई है।
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