संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। लूहरी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सोईधार के चील के घने जंगल में मंगलवार सुबह अचानक आग भड़क गई। आग तेज हवा के साथ ज्यादा फैल गई। इस आग में चील के सैकड़ों पेड़ जलकर राख हो गए हैं। इसके अलावा छोटे पेड़ जो इस साल रोपे गए थे, सारे जलकर राख हो गए हैं। जिज्ञासा फाउंडेशन नित्थर के महासचिव टेक चंद का कहना है कि डीएफओ लूहरी का कार्यालय कुछ ही किलोमीटर दूर है, फिर भी हमारी कीमती वन संपदा जलने से नहीं बच पा रही है। लूहरी से लेकर जाजर का इलाका सूखाग्रस्त है, जिसको आग से बचाना बहुत बड़ी चुनौती है। वन विभाग सक्रिय नहीं दिख रहा है। जिज्ञासा फाउंडेशन नित्थर वन विभाग से लगातार मांग कर रही है कि फायर लाइन काटी जाए। इसे लेकर फाउंडेशन दो वर्ष पहले डीएफओ लूहरी से मिले भी थे, लेकिन वन विभाग की ओर से अभी तक कोई पहल नहीं हो पाई है। जंगल में फायर लाइन काटने से जंगलों को काफी हद तक बचाया जा सकता है। उसके साथ दुराह के कई इलाकों में भी आग ने विकराल रूप धारण किया हुआ है।
आग पर काबू पा लिया गया है। जैसे ही बजट की व्यवस्था होती है, फायर लाइन को काटा जाएगा और लोगों को बार-बार बताया जा रहा है कि वन संपदा आपकी है, इसको इस तरह से नष्ट न करें। वनों के सब अधिकार लोगों को मिले हैं। घास लकड़ी कई तरह के मिनरल प्राप्त करते हैं, इसको नष्ट न करें।
- चमन राव, डीएफओ लूहरी