रघुनाथ की यात्रा के साथ सराहन दशहरा मेले के शुभारंभ की रस्में निभाते लोग।
- फोटो : RAMPUR-HP
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। जिला स्तरीय सराहन दशहरा मेला में रघुनाथ जी की यात्रा के साथ मेले की रस्म पूरी की गई। मुख्य मंदिर से श्री रघुनाथ जी को पहले पालकी से बाहर लाया गया। इसके बाद रघुनाथ जी को रथ से मंचखंडी तक पहुंचाया गया। यहां पर रघुनाथ जी तीन दिन तक रहेंगे।
रघुनाथ जी के साथ तीन देवता तीन दिन तक रहेंगे। इसमें देवता साहिब दत्तमहाराज बसारा, नाग देवता बोंडा और निनसु देवता धराली शामिल हैं। तीनों देवता रघुनाथ जी के द्वारपाल की भूमिका निभाएंगे।
भीमाकाली मंदिर न्यास ने इस बार सरकार के नियमों अनुसार कोरोना के चलते मेले को सूक्ष्म करवाने का फैसला लिया है। न्यास ने रघुनाथ जी को पालकी से जाने का फैसला लिया था। देवता रघुनाथ जी को रथ से ले जाने पर अड़ गए। इस कारण प्रशासन और न्यास को कम लोगों के साथ रघुनाथ को रथ से ही ले जाने का फैसला लेना पड़ा। रथ यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री और न्यास के अध्यक्ष वीरभद्र सिंह भी परिवार सहित शामिल हुए। उन्होंने रघुनाथ की पूजा-अर्चना की। उनके साथ रथ यात्रा में पूरा परिवार शामिल हुआ।
रामपुर के एडसीएम और न्यास के उपाध्यक्ष सुरेंद्र मोहन मेले के पूरे कार्यक्रम के दौरान सराहन में उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह, नायब तहसीलदार सराहन डीसी नेगी, मंदिर अधिकारी बालक राम नेगी, कानूनगो सुरेश नेगी, सहायक अमरनाथ, मुख्य पुजारी पूर्ण शर्मा, भीमाकाली माता के गुर सोहन लाल, भीमाकाली पूजा कमेटी के प्रधान शीशी राम मेहता, राजेश लारजू, यशपाल पालसरा और चेत राम मौजूद रहे।