संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर विस क्षेत्र के तहत आने वाले शून्य दाखिले वाले 11 स्कूल बंद हो गए हैं। सरकारी फरमान के बाद अब इन स्कूलों पर ताले लटक गए हैं। इन स्कूलों में इस शैक्षणिक सत्र में एक भी बच्चे ने दाखिला नहीं लिया है। वहीं, उपमंडल के 13 स्कूलों को दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों में मर्ज कर लिया गया है। ऐसे में कठिन, पहाड़ी और विपरीत परिस्थितियों वाले इलाकों के विद्यार्थियों को स्कूल पहुुंचने में खासी परेशानियां झेलनी पड़ेंगी।
गौर हो कि सरकार के फरमानों के बाद रामपुर और ननखड़ी तहसील के 11 स्कूलों पर ताले लटक गए हैं, जबकि 13 स्कूलों को 2 किलोमीटर के दायरे में आने वाले अन्य स्कूलों में मर्ज कर दिया है। सरकारी निर्देशों के बाद ननखड़ी तहसील के तहत आने वाले शोला, बियोट, कोंट, टुटू और रामपुर के पशाडा, कांधार, किन्फी, मशगांव, कांडी, कूहल और परोग स्कूल को बंद कर दिया है। ननखड़ी के खमाडी, जुन्नी, बासाधार और रामपुर खंड के प्रांदली, मडोग, तलाश, शैलीबामंण, तलारा, निन्वी, डुगीसेरी और जगूणी स्कूल को दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों में मर्ज कर दिया है। इसके अलावा दरकाली पंचायत की माध्यमिक पाठशाला रडोली और देवठी पंचायत के उर्मण स्कूल को मर्ज दूसरे स्कूलों में मर्ज किया गया है। सरकारी आदेशों के बाद उन बच्चों की दिक्कतें बढ़ गई हैं, जो मर्ज हुए स्कूलों में अभी तक पढ़ रहे थे। अब उन्हें उस स्कूल से दो किलोमीटर दूर दूसरे स्कूल जाना होगा। पहाड़ी क्षेत्रों का दो किलोमीटर का फासला काफी जानलेवा होता है। स्कूली बच्चों को स्कूल से लाने और ले जाने की कोई सुविधा नहीं है।
ग्रामीणों ने कहा- दुर्गम क्षेत्रों में राहत दे सरकार
अभिभावक गुड्डी देवी, भगवान दासी, सत्या देवी, पूजा, मोनिका, मणिदेवी, राधा देवी, मीरा देवी, चमन लाल, मंगला देवी, बिमला देवी और अनीता ने बताया कि निन्वी छलाड़ी स्कूल में छह बच्चे अध्यनरत हैं। ऐसे में इस स्कूल को जिस स्कूल के साथ मर्ज किया गया है, वह तीन किलोमीटर दूर है। वहां जाने का रास्ता पत्थरीला, जंगली जानवरों से भरा और पानी के नालों वाला है। इस रास्ते से बच्चों को स्कूल भेजना जानलेवा बना हुआ है। उन्होंने सरकार को इस निर्णय पर विचार कर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को राहत देने की मांग उठाई है।
रामपुर खंड के पांच स्कूलों को मर्ज किया गया है। इस बारे में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से वास्तुस्थिति को लेकर बातचीत जारी है।
- हेमलता जोधटा, प्रारंभिक शिक्षा खंड अधिकारी रामपुर