उत्सव की तैयारियों को लेकर वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची की अध्यक्षता में हुई बैठक
सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर चर्चा
ठियोग उत्सव में पिछले वर्ष खर्च हुए थे 58 लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग उत्सव 15 और 16 अगस्त को सजेगा। उत्सव की तैयारियों को लेकर बुधवार को सिविल अस्पताल परिसर में वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में उत्सव के आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल प्रतियोगिताओं, सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और खर्चों में कटौती समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी वरुण शर्मा ने पिछले वर्ष आयोजित ठियोग उत्सव का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्थानीय कलाकारों और खेल गतिविधियों सहित विभिन्न मदों पर 58 लाख रुपये खर्च हुए थे। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने इस वर्ष अनावश्यक खर्चों में कटौती करने पर बल दिया। नगर परिषद अध्यक्ष करुणा कंवर ने बताया कि इस बार उत्सव का खर्च 50 लाख रुपये या उससे कम रखने की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए सभी स्तरों पर खर्चों को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में तय किया गया कि उत्सव में हिमाचल प्रदेश के स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची ने कहा कि बाहरी राज्यों से एंकर बुलाने के बजाय स्थानीय प्रतिभाओं को मंच संचालन का अवसर दिया जाना चाहिए। बैठक में निर्णय लिया कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर एसडीएम ठियोग शशांक गुप्ता ध्वजारोहण करेंगे। इस दौरान पुलिस, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी, एनएसएस और एनसीसी कैडेट्स तिरंगे को सलामी देंगे। इसके बाद स्कूलों के विद्यार्थियों और महिला मंडलों की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। आयोजन के दौरान सुचारु यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग का सहयोग लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह को मुख्य अतिथि आमंत्रित करने पर मंथन
एसडीएम शशांक गुप्ता ने स्कूलों से इस बार नशा विरोधी अभियान को केंद्र में रखते हुए नाटक, भाषण और नृत्य जैसी प्रस्तुतियां तैयार करने का आग्रह किया। स्कूल प्रतिनिधियों ने मांग उठाई कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान किसी भी स्कूल का निर्धारित प्रस्तुति समय कम न किया जाए, क्योंकि विद्यार्थी लंबे समय तक मेहनत कर तैयारी करते हैं और अंतिम समय में समय कम होने से उनका मनोबल प्रभावित होता है। बैठक में 16 अगस्त को आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को मुख्यातिथि के रूप में आमंत्रित करने पर भी चर्चा हुई।
ऑडिशन के आधार पर कलाकारों का हो चयन
कांग्रेस मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा ने ऑडिशन के आधार पर कलाकारों के चयन की बात रखी। चर्चा के दौरान सुझाव आया कि केवल शिमला ही नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों के कलाकारों को अवसर देने से उत्सव और अधिक आकर्षक बनेगा। एसडीएम शशांक गुप्ता ने बताया कि सभी गतिविधियों के लिए अलग-अलग समितियां गठित की जाएंगी। ऑडिशन समिति में आकाशवाणी शिमला के एक अधिकारी, भाषा एवं संस्कृति विभाग के प्रतिनिधि और स्थानीय पार्षदों को शामिल करने पर भी चर्चा हुई ताकि कलाकारों का निष्पक्ष चयन सुनिश्चित किया जा सके। व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय ने वीआईपी प्रथा के तहत सम्मानित करने के लिए शॉल, टोपी और मफलर की जगह एक फूल देकर सम्मानित करने का विचार कमेटी के सामने रखा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मेले के दौरान अस्थायी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं, इस वर्ष फैशन शो का आयोजन नहीं किया जाएगा।
कबड्डी, वॉलीबाल और शतरंज प्रतियोगिताएं होंगी
उत्सव के दौरान वॉलीबाल, कबड्डी और शतरंज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। जिला परिषद सदस्य नेहा जगटा ने रस्साकशी प्रतियोगिता भी शामिल करने की मांग रखी, जिस पर समिति ने सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
17 अगस्त से 10 सितंबर तक सजेगा मेला मैदान
बैठक में बताया कि उत्सव के बाद मेले के लिए मैदान 17 अगस्त से 10 सितंबर तक आवंटित रहेगा, जहां अस्थायी दुकानें लगाई जाएंगी। यदि प्रदेश में अत्यधिक बारिश के कारण आपदा जैसी स्थिति बनती है, तो अवधि बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।