पाटबांगला में आयोजित सूक्ष्म लवी मेले में व्यापारी कम पहुंचने पर लोग मैन बाजार रामपुर में खरीदा?
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रामपुर बुशहर। सूक्ष्म स्तर पर रामपुर में हुआ लवी मेला 14 नवंबर को संपन्न हो गया। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने मेले में केवल स्थानीय उत्पाद की ही बिक्री को मंजूरी दी थी। मेले में इस वर्ष केवल किन्नौर जिले से ही व्यापारी अपने उत्पाद लेकर पहुंचे हैं। नगर परिषद ने दूरदराज से अपने उत्पाद लेकर पहुंचे विक्रेताओं को कुछ और समय बैठने की इजाजत देने की मांग की है।
कोरोना के कारण रामपुर में इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय लवी मेले का आयोजन नहीं हो पाया। हर वर्ष मेले में करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। दूर दराज से यहां व्यापार के लिए लोग पहुंचते हैं। इस वर्ष मेला केवल रस्म निभाने तक सीमित ही रहा। जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमण से बचाव को देखते हुए मेले को 11 से 14 नवंबर तक सूक्ष्म स्तर पर मनाने की मंजूरी दी। मेले में किन्नौर और रामपुर आसपास के क्षेत्रों से ही लोग अपने उत्पाद लेकर पहुंचे। कुल मिलाकर 20 के करीब ही व्यापारी मेले में पहुंचे थे। स्थानीय स्तर पर उत्पादित होने वाले और हस्त निर्मित उत्पादों को ही मेले में बेचने की मंजूरी दी गई थी, जबकि फैक्टरी सहित अन्य वस्तुओं की बिक्री पर रोक लगाई गई थी।
मेले में अधिकतर लोग किन्नौर जिले से ही पहुंचे हैं। क्षेत्र के लोगों ने ऊनी वस्त्र, ड्राईफ्रूट, सेब और किन्नौरी उत्पादों की खरीदारी तो की लेकिन अन्य वर्षों के मुकाबले इस वर्ष किन्नौर के कारोबारियों का भी कुछ खास मुनाफा नहीं हो पाया है। महामारी के चलते करोड़ों रुपये का कारोबार कुछ हजारों तक ही सिमट गया। हालांकि किन्नौरी उत्पाद के चाहवानों के लिए मेले में खरीदारी को काफी वस्तुएं और खाद्य सामग्री पहुंची है।
नगर परिषद अध्यक्ष सुमन घाघटा ने कहा कि इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते मेले को सूक्ष्म स्तर पर ही आयोजित किया गया। मेले में किन्नौर जिले से ही अधिकतर व्यापारी पहुंचे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन ने व्यापारियों को कुछ और समय तक बैठने की इजाजत देने की मांग की है, ताकि वे घर जाने तक का खर्चा पूरा कर सकें।