ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग को मिली कामयाबी
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। आखिरकार नोग वैली के सनेई गांव में शुक्रवार रात को पिंजरे में मादा भालू कैद हुई। मादा भालू के गिरफ्त में आने से हजारों ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
वन विभाग के अधिकारियों के निर्देश के अनुसार भालू को पकड़ने के लिए कर्मचारियों ने लगातार गश्त जारी रखी। विभाग की सटीक योजना पर अमलीजामा पहनाते हुए ग्रामीणों ने भी भरपूर सहयोग दिया। भालू की आवाजाही पर पैनी नजर रखने के उद्देश्य से आने-जाने वाले रास्ते पर कैमरे की मदद से मुहिम को आसान बनाने में सफलता मिली। पिंजरे को घास से चारों ओर ढककर भालू को खाने के लिए सुगंधित फल परोसने को रखे गए। मादा भालू के बच्चे सारी रात पिंजरे के आसपास भटकने के बाद कहीं दूर चले गए। वन विभाग की टीम मादा भालू को चिकित्सीय परीक्षण के लिए रामपुर ले गई है।
वन मंडलाधिकारी रामपुर गुरहर्ष ने बताया कि पंचायत स्तर पर जल्द ही ग्रामीणों के लिए जागरूकता शिविर के आयोजन किया जाएगा। उन्होंने पशुपालकों की कृषि विभाग की परंपरागत योजना के तहत पालतू पशु की सुरक्षा के मद्देनजर लोहे से निर्मित दरवाजे लगाने की सलाह दी।