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Rampur Bushahar News: सेब पर मौसम की मार, 40 फीसदी उत्पादन गिरने का अनुमान

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. बारिश न होने से रामपुर और ननखड़ी क्षेत्र के बागवानों की बढ़ी चिंता
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. सूखे के कारण ड्रॉपिंग की बढ़ेगी समस्या, फलों का आकार भी होगा प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
उपमंडल रामपुर और ननखड़ी के बागवान सूखे की मार झेल रहे हैं। लंबे समय से बारिश न होने के कारण सेब के करोड़ों के कारोबार पर संकट मंडराने लगा है। मौसम की मार से इस साल करीब 40 फीसदी तक सेब के उत्पादन में गिरावट आने की आशंका है। इससे रामपुर और ननखड़ी के बागवानों की चिंता बढ़ गई है। यहां सेब ही बागवानों की आर्थिकी का मुख्य साधन है। सर्दियों में पर्याप्त बारिश और बर्फबारी न होने के कारण बगीचों में सेब की फसल पहले ही कम है। वहीं, फ्लॉवरिंग के सीजन में मौसम प्रतिकूल रहने, बेमौसमी बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि से सेब का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं, पर्याप्त बारिश न होने के कारण जमीन से नमी गायब हो गई है। अब बगीचों में ड्रॉपिंग की समस्या बढ़ने का खतरा पैदा हो रहा है। सेब के फल जमीन पर गिरने की आशंका बढ़ गई है। मौसम की मार सबसे ज्यादा निचले और मध्यम वाले सेब बहुल क्षेत्रों पर पड़ी है। हालांकि, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब फसल का अच्छा उत्पादन होने का अनुमान है। बागवान दुष्यंत मेहता, मोंटी मेहता, हरबंस सिंह, प्रेम राज, राजेश कुमार, पृथ्वी राज और विनोद कुमार का कहना है हर साल मौसम की मार झेलनी पड़ रही है। बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि और अंधड़ के कारण किसानों-बागवानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। सर्दियों में पर्याप्त बर्फबारी और बारिश न होने के कारण कृषि-बागवानी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हर साल बागवानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बागवानी में भविष्य तलाश रहे युवाओं के लिए मौसम सबसे बड़ा रोड़ा बन रहा है। इस साल ओवरऑल करीब 40 फीसदी सेब उत्पादन गिरने का अनुमान है। महंगाई के दौर में बगीचे का खर्चा निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
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सब्जियों पर भी संकट
किसानों की ओर से उगाई गई सब्जियां भी सूखे की चपेट में आ रही हैं। मटर, शिमला मिर्च, बैंगन, हरी मिर्च, टमाटर और फ्रासबीन सब्जियों पर सूखे की मार पड़ रही है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण किसान निराश हैं। किसान और बागवान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।
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