कुछ ट्रस्ट से बाहर करने की मांग पर अड़े, कुछ सुरक्षा की दृष्टि से मान रहे ट्रस्ट को सही
दो धड़ों में बंटा है खेगसू के हरियानों का कुनबा
पुराने मंदिर को उखाड़ ट्रस्ट कमेटी करवा रही है नये मंदिर का निर्माण
हरिकृष्ण शर्मा
आनी(कुल्लू)। राजनीतिक दंश झेल रहे खेगसू के ऐतिहासिक प्राचीन कुसुम्बा एंव भवानी मंदिर में दशकों से विकास की जगह राजनीति अधिक देखने को मिल रही है। वर्ष 2016 में मंदिर को कांग्रेस सरकार के समय ट्रस्ट के अधीन किया गया था। इसे लेकर पूर्व भाजपा सरकार के समय मंदिर को ट्रस्ट से बाहर किया गया, लेकिन 2019 में मंदिर को ट्रस्ट से बाहर किए जाने के बाद कमेटी के लोगों ने प्रदेश हाईकोर्ट में इसे ट्रस्ट के अधीन रखने को लेकर याचिका दायर की। उसके बाद अब मंदिर पर फैसला आना बाकी है, लेकिन इसी बीच माता के हरियान का कुनबा दो धड़ों में बंट गया और विकास की जगह विवाद लगातार बढ़ रहा है। मंदिर कमेटी पर कुछ हरियान की ओर से मंदिर में अव्यवस्थाओं को लेकर एसडीएम आनी के पास लिखित शिकायतें कई बार हो चुकी हैं। जिन्हें दूर करने के लिए एसडीएम ने एक कमेटी का भी गठन किया है, लेकिन आरोपों का यह सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कमेटी को लेकर तनातनी का माहौल खड़ा हो गया है। हरियान का आरोप है कि मंदिर में विकास नहीं हो रहा है। छह महीने पूर्व पुराने मंदिर को उखाड़ा गया है। उसके बाद मंदिर निर्माण का कार्य अभी शुरू नहीं किया गया है। कमेटी पर आरोप है कि मंदिर परिसर में शादी समारोह के दौरान अव्यवस्था व शांति भंग करने जैसे अनेक कार्य होना कमेटी की नाकामी को दर्शाता है। जिस पर मंदिर कमेटी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि माता कुसुम्बा भवानी मंदिर पर राजनीतिक हस्तक्षेप करना गलत है। कमेटी ने कहा है कि मंदिर जिला कुल्लू, शिमला और साथ लगते मंडी क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर पर सभी श्रद्धालुओं की आपार श्रद्धा है।
आरोप निराधार हैं
कुसुम्बा भवानी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मोहरचंद का कहना है कि पूर्व सरकार के समय 2010 में कारदार मोतीलाल को बाहर किया गया। उसके बाद विवाद बढ़ता गया। उन्होंने कहा कि कुसुम्बा भवानी मंदिर सतलुज से सटा है, जो सुनसान जगह पर स्थित है। सुरक्षा की दृष्टि से देखते हुए मंदिर को ट्रस्ट के अधीन रखना सही फैसला है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्व एसडीएम के समय वर्किंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने कहा कि उनके उपर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि पुराने मंदिर को उखाडा गया है जिस समय मंदिर उखाडा गया है तो क्षेत्र की समस्त जनता ने उसमें अपनी भागीदारी दी है। उन्होंने कहा कि नये मंदिर का निर्माणकार्य शुरू है जिसके लिए कारीगरों द्वारा लकड़ी का कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि यदि जनता नये मंदिर निर्माण के लिए नई वर्किंग कमेटी का गठन करना चाहते हैं, तो वो उसके लिए भी तैयार हैं। संवाद