तीसरी सांस्कृतिक संध्या में पंजाबी गीतों का रंग, पहाड़ी कलाकारों ने भी बांधा समां
फायदा की पलाजो पाके निकलिदा पर नाचे लोग
पवन प्रेमी ने की सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत
स्थानीय कलाकारों ने जमाया रंग
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। रोहड़ू मेला की तीसरी सांस्कृतिक संध्या की स्टार नाइट पंजाबी गायक कुलविंदर सिंह बिल्ला के नाम रही। इस दौरान पहाड़ी लोक कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत पवन प्रेमी की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद पिंकु नावरी, परमेश रांटा, निक्की पांडे, नीतिन चौहान, ओजस्वी डोगरा, पवन भंडारी, मनीश, विक्की, मयंक नेगी, नेहा, बिट्टू चपरोलटा, कार्तिक जामटा, कुलदीप, निखिल ठाकुर, परीधि भारद्वाज, कैलाश, राजकुमार वर्मा, मोहन, मोती लाल पुंटा, प्रेम कुमार, दिव्यांशु, सूर्यांश चंदेल, संजना, शामी, राजेश डोगरा, नीरज शर्मा, राजेश्वर चौहान, गोपाल भारद्वाज, जतिन, प्रवेश निहाल्टा, डिंपल ठाकुर, ममता भारद्वाज, सुरेश शर्मा, वर्षा ठाकुर, हन्नी नेगी और छुहारू छौकरे सहित कई कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।
पहाड़ी लोक गायक हन्नी नेगी ने पता बी न लागदा, मेरा बेगमा, धारो पांदे लागो, मुंगड़ी जोगे न रोए कानो, ऐस मुंजरे जुगी जवाना रे, हो बांकी चंदरा और प्यारी इंदरा जैसे गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इसके बाद स्टार नाइट में कुलविंदर सिंह बिल्ला ने मंच संभाला और तैयारी ओदी हां दी है, तेरी मेरी नी कहानी कोई पुरानी, तेरी मेरी अडिये नी टिच बटना दी जोड़ी, बस चिट्टी ही सुनांदी दुख सुख और जट्टा हो गया तेरा रूटीन दा जैसे लोकप्रिय गीतों से माहौल को मदहोश कर दिया। दर्शकों ने देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लिया।