संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। गर्मी के लगातार बढ़ते प्रकोप के कारण पेयजल संकट की समस्या बढ़ती जा रही है। पेयजल स्रोतों में जल स्तर लगातार घट रहा है। वहीं, एक ऐसा गांव भी है, जहां पेयजल स्रोत में कोई कमी नहीं है, लेकिन ग्रामीण पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। ग्रामीण मजबूरन प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोकर लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग गांव के चुनिंदा लोगों को ही पेयजल मुहैया करवा रहा है, जबकि अधिकतर ग्रामीण पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। रामपुर उपमंडल की कूहल पंचायत के चिक्सा गांव में 15 दिन से पेयजल किल्लत की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि जल शक्ति विभाग के कर्मचारी कुछ घरों को पानी छोड़ देते हैं, जबकि अधिकतर ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद को तरस गए हैं। ग्रामीण प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोकर लाने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि जिस स्रोत से गांव के लिए पेयजल आपूर्ति की जा रही है, वहां पानी की कोई कमी नहीं है, लेकिन विभाग की ओर से सही ढंग से पानी की सप्लाई नहीं दी जा रही है। ग्रामीण रोजाना परेशानियां झेल रहे हैं, वहीं पालतू पशुओं को भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
विभाग का कोई कर्मी समस्या को दूर करने नहीं आता
चिक्सा गांव के राकेश कुमार, कपिल मेहता, महेंद्र मेहता, कमली देवी, शेर सिंह सहित अन्य ने बताया कि गांव में आधे से ज्यादा घर ऐसे हैं, जहां पानी की काफी किल्लत चल रही है। विभाग का कोई भी कर्मचारी इस समस्या को दूर करने के लिए मौके पर नहीं आता है। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से समस्या का जल्द से जल्द निवारण करने की मांग की है।
पानी की सप्लाई ठीक चल रही
चिक्सा गांव के लिए पानी की सप्लाई ठीक चल रही है, लेकिन यहां ग्रामीण खुद ही पेयजल लाइनों को तोड़ देते हैं, जिस कारण यह दिक्कतें पेश आई है। जब कर्मचारी पानी की सप्लाई को छोड़ता है तो उसके साथ धक्का-मुक्की की जाती है। ऐसे में विभाग को भी इस गांव में पानी की सप्लाई को ठीक ढंग से चलाने में दिक्कतें पेश आ रही है।
-नरेंद्र नेगी, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग तकलेच।