संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू) । वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय कोटखाई के बाहर वन विभाग की ओर से पकड़ी गई लाखों रुपये कीमत की इमारती लकड़ी सड़ रही है। विभाग ने इनको सुरक्षित रखने और नीलामी की कोई व्यवस्था नहीं की। लोगों का कहना है कि यदि लकड़ियों को खुले मैदान में ही सड़ने को छोड़ना था, तो इनको यहां किसलिए जमा किया गया।
वन विभाग अवैध रूप से जंगलों से काटी गई लकड़ी को जब्त करके रेंज कार्यालय के बाहर जमा करता है, लेकिन विभाग के पास इन लकड़ियों को रखने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इस कारण लंबी चलती कानूनी और न्यायालय प्रक्रियाओं के चलते लकड़ी सड़ने लगी है। वन रेंज कोटखाई में 16 वन बीट हैं। इसके अंतर्गत विभिन्न बीट से अवैध रूप से काटे गए पेड़ों की लकड़ियां विभाग समय-समय पर कब्जे में लेता है। बरामद होने के बाद कई वर्षों से लकड़ियां ऐसे ही बाहर रखी जा रही हैं। इन लकडियों के विभाग की ओर से 32 मामले कोटखाई थाने में मामले दर्ज करवाए गए हैं। उसके बाद मामले न्यायालय के विचाराधीन हैं। लंबे समय से पड़ी लाखों की लकड़ी सड़कर गोबर बन चुकी है।
19 मामलों की जांच चल रही
पकड़ी गई लकड़ी के 32 मामलों में 13 की पुलिस ने वेरिफिकेशन की है। 19 की अभी तक जांच चल रही है। लोगों का कहना है कि विभाग लाखों रुपये की इन लकड़ियों के लिए सुरक्षित स्थान की व्यवस्था करे, जिससे नीलामी के दौरान विभाग को अच्छा राजस्व मिल सके।
अवैध रूप से काटी गईं लकड़ियों के 32 मामले थाने में दर्ज हैं। इसमें से 13 की वेरिफिकेशन पुलिस ने कर दी है। जैसे ही पुलिस एनओसी देगी। जब्त की गई लड़कियों की नीलामी की जाएगी। शेड बनाने के लिए विभाग को पैसे के लिए डिमांड पत्र भेजा है, मगर अभी तक इसके लिए कोई स्वीकृति नहीं आई है ।
- रणजीत सिंह कंवर, वन परिक्षेत्र अधिकारी कोटखाई