संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर और काजा, स्पीति में इस वित्त वर्ष में 2024-25 के लिए 22 करोड़ 38 लाख रुपये के साथ शराब ठेकों की नीलामी हुई है। इससे हिमाचल में शराब महंगी हो गई है। प्रदेश में नई शराब नीति के बाद दाम 30 से 60 प्रतिशत दाम बढ़ा दिए गए हैं। लोग इसे ठेकेदारों की मनमानी बता रहे हैं। उनका कहना है कि नई शराब नीति के तहत इस बार बोतल पर अधिकतम विक्रय मूल्य अंकित नहीं है। बोतल पर सिर्फ न्यूनतम विक्रय मूल्य अंकित है। सरकार ने शराब के दाम तय करने का अधिकार ठेकेदारों को दे दिया है और इस वजह से उन्होंने मनमानी से दाम बढ़ा दिए हैं।
किन्नौर और काजा, स्पीति में 17 शराब ठेकों की नीलामी में इस वर्ष बीते वर्ष के मुकाबले प्वाइंट 0.15 प्रतिशत महंगे दामों पर हुई है। इस बार नीलामी, जो निर्धारित आरक्षित मूल्य 22, 37, 67,378 रुपये रखा गया था। इसको लेकर निर्धारित आरक्षित मूल्य का 5 प्रतिशत उसी समय यानी एक करोड़ 11 लाख 90 हजार सरकारी खजाने में जमा किया गया और इस वित्त वर्ष में प्वाइंट 0145 प्रतिशत से शराब के ठेकों की नीलामी हुई है, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2023-2024 में इन 17 शराब के ठेकों की नीलामी 22 करोड़ 74 लाख 11 हजार 111 सौ रुपये में हुई। छह अप्रैल को उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में शराब ठेकों की नीलामी की प्रक्रिया करवाई गई।
इसमें ईटीओ रामपुर कर्म सिंह नेगी, पर्यवेक्षक सुरेंद्र ठाकुर उपस्थित थे। इस नीलामी में दो बोलीदाता शामिल हुए थे, लेकिन एक बोलीदाता के कागजात पूरे न होने के कारण उसे नीलामी से बाहर किया गया। शराब की दरें एक अप्रैल से लागू हो गई हैं। इससे रिकांगपिओ सहित जिले के अन्य स्थानों में एक शराब की बोतल जो 500 रुपये मिलती थी, उसके दाम अब 700 रुपये तक कर दिए गए हैं। इसके अलावा बड़े ब्रांड की शराब की बोतल के दाम में 300 से 400 रुपये तक बढ़ गए हैं। वहीं बीयर की बोतल 280 रुपये में मिल रही है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग किन्नौर के सहायक आयुक्त एवं जिला प्रभारी टीआर राणा ने बताया कि जिले के 17 शराब ठेकों की नीलामी विभाग ने की है। बोली के दिन मौसम खराब और यातायात के साधन अवरूद्ध होने से केवल दो ही बोलीदाता समय पर रिकांगपिओ पहुंचे और इनमें से एक ही बोलीदाता ने सभी औपचारिकताएं पूरी की हैं।