स्ट्रीट लाइट, शौचालय, कचरा प्रबंधन और रास्तों की समस्या से जूझ रहे वार्ड के लोग
पुनर्सीमांकन के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
रात में चलना जोखिम भरा, पार्किंग न होने से एनएच-5 पर खड़े हो रहे वाहन
खनेरी पेट्रोल पंप के पास सड़क पर बह रहा पानी
अस्पताल के पास अतिक्रमण से आवाजाही प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर के पुनर्सीमांकन के बाद अस्तित्व में आए वार्ड नंबर 9 खनेरी के लोगों की विकास को लेकर उम्मीदें अब भी अधूरी हैं। पहले खनेरी पंचायत का हिस्सा रहे इस क्षेत्र के लोगों को नगर परिषद में शामिल होने के बाद बेहतर सुविधाओं की आस जगी थी, लेकिन छह साल बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
वार्ड के बाशिंदे आज भी स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक शौचालय, कचरा प्रबंधन, बेहतर सड़क, पार्क, पार्किंग और खेल मैदान जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। चुनावों के दौरान हर बार बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका असर नजर नहीं आता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्किंग की सुविधा न होने के कारण नेशनल हाईवे-5 के दोनों ओर वाहन खड़े किए जा रहे हैं। इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। खनेरी पेट्रोल पंप के समीप पानी सड़क पर बहता है, जबकि खनेरी अस्पताल के पास एनएच-5 पर अतिक्रमण बढ़ने से आवाजाही प्रभावित हो रही है।
वार्ड में स्ट्रीट लाइट की स्थिति भी खराब है। कई स्थानों पर लाइटें खराब पड़ी हैं, तो कहीं खंभे लगाने के बावजूद लाइट नहीं लगाई गई। इससे रात के समय लोगों को पैदल चलना जोखिम भरा हो गया है। एनएच-5 से खनेरी गांव को जोड़ने वाली सड़क भी खस्ताहाल है। इससे लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। टाटा मोटर के पास लंबे समय से सार्वजनिक शौचालय की मांग उठ रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसके अलावा वार्ड से गुजरने वाले नाले की सुरक्षा और कचरा प्रबंधन की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।
क्या कहते हैं वार्ड के लोग
अंकुर शर्मा का कहना है कि पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ रही है और इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की मांग की।
शिवानी नेगी ने बताया कि एनएच-5 पर स्ट्रीट लाइटें खराब होने से अंधेरे में चलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने लाइटों को जल्द दुरुस्त करने की मांग उठाई।
सुरेश गुप्ता ने कहा कि खनेरी गांव को राष्ट्रीय राजमार्ग-5 से एंबुलेंस सड़क से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने सार्वजनिक शौचालय निर्माण की जरूरत भी बताई।
भूपेंद्र भैक ने कहा कि अस्पताल कॉलोनी से जाखो होते हुए खनेरी गांव तक स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं है, जिससे लोगों को रात के समय परेशानी झेलनी पड़ती है।