पर जानलेवा बना सफर, 2018 में जिला मुख्य
सड़क
का मिला दर्जा, 15
करोड़
का बजट अब तक नहीं हुआ खर्च
वर्षों से 11 पंचायतों के हजारों ग्रामीण झेल रहे परेशानियां
बीरबल नेगी
सांगला(किन्नौर)। जनजातीय जिले की 11 पंचायतों के हजारों ग्रामीण कई साल से खस्ताहाल सड़क पर सफर कर रहे हैं। जिला मुख्य सड़क का दर्जा मिलने के छह वर्ष बाद भी सड़क की हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया है। अब सड़क को सीमा सड़क संगठन के अधीन लाने की चार माह से कारवाई चल रही है। बीआरओ मुख्यालय से अंतिम स्वीकृति न मिलने से सड़क भी संगठन के अधीन नहीं हो पाई है। इस कारण हजारों लोगों को आवाजाही करने में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। वहीं, क्षेत्र के लोगों में प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर खासा रोष है।
दुर्गम भोगौलिक परिस्थितियों वाली सांगला वैली के हजारों लोग रोजाना कड़छम-सांगला-छितकुल सड़क से लाभान्वित होते हैं। 42 किलोमीटर सड़क की दशा वर्षों से बदतर बनी हुई है, जबकि सुधार के नाम पर कुछ नहीं हो रहा। वर्ष 2018 में इस सड़क को जिला मुख्य सड़क का दर्जा दिया गया था और कड़छम से सांगला तक सड़क की हालत सुधारने के लिए 15 करोड़ का बजट भी उपलब्ध करवाया गया, लेकिन सड़क की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। सांगला से छितकुल सड़क की हालत वर्ष 2014 से खस्ता बनी हुई है। उसके बाद इस सड़क को सीमा सड़क संगठन के अधीन लाने की कवायद शुरू हुई है। बीते मार्च माह से बीआरओ ने सड़क की पैमाइश प्रक्रिया पूरी कर ली और मामला संगठन के उच्चाधिकारियों को भेजा है। ऐसे में क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों सहित देश-विदेश से यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को भी खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। सड़क की खराब हालत पर्यटन कारोबार को भी प्रभावित कर रही है। इस सड़क से क्षेत्र की किल्बा, सापनी, ब्रुआ, शौंग, चंसू, कामरू, सांगला, बटसेरी, थेमगारंग, रक्षम और छितकुल पंचायत के हजारों ग्रामीण लाभान्वित होते हैं।प्रधान सांगला देवसांकी नेगी, प्रधान बटसेरी प्रदीप नेगी, प्रधान चांसू बीरबल लोक्टस, प्रधान थेमगारंग मनोहर देवी नेगी, प्रधान शौंग रामप्यारी नेगी, उपप्रधान रक्षम खजान सिंह नेगी, उप प्रधान कामरू विजेंद्र नेगी, ग्रामीण राजेश नेगी, दिव्या नेगी, प्रताप सिंह नेगी और हरिभगत नेगी सहित अन्य ने कहा कि बजट के बाद भी सड़क का न सुधरना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से जल्द सड़क की हालत सुधारने की मांग की है। सीमा सड़क संगठन के ओसी पोवारी प्रदीप सिंह ने कहा कि कड़छम से छितकुल सड़क को संगठन के अधीन करने के बारे में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। बीआरओ हेडक्वार्टर से मंजूरी मिलते ही सड़क को जल्द ही संगठन के अधीन किया जाएगा।
जल्द सड़क की हालत सुधारी जाएगी
जिला मुख्य सड़क के तहत इस मार्ग के कायाकल्प को 15 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। कड़छम से सांगला तक सड़क की हालत जल्द सुधारी जाएगी। इस बजट से सड़क को चौड़ा करना, मेटलिंग, टारिंग, निकासी नालियों का निर्माण और क्रेश बेरियर लगाया जाएगा। सड़क बीआरओ के अधीन होने तक विभाग इस सड़क की हालत सुधारेगा। सांगला से छितकुल सड़क पर जल्द ही पैचवर्क का कार्य शुरू किया जाएगा।
-पासंग नेगी, एसई, लोक निर्माण विभाग संवाद
सांगला करछम संपर्क मार्ग गडढों में तबदील
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