सीआरएफ से स्वीकृत साढ़े 15 करोड़ बजट, तीन वर्ष से नहीं हुआ खर्च
बीरबल नेगी
सांगला(किन्नौर)। चुनाव का समय चल रहा है और जनता से चुनावी वादे जा रहे हैं, लेकिन जीवनरेखा कहलाई जाने वाली सड़कों की हालत खराब है। खासकर ऐसी सड़क जो देश को चीन की सीमा को जोड़ती है। हजारों ग्रामीण, पर्यटक और सीमा पर तैनात सेना के जवान जानलेवा बनी इस सड़क पर सफर करने को मजबूर हैं। जनजातीय जिले की कड़छम-सांगला-छितकुल सड़क की दुर्दशा बीते छह वर्ष से नहीं सुधर पाई है। एक दर्जन पंचायतों के ग्रामीण, पर्यटक और सीमा पर तैनात जवान रोज जोखिम में सफर कर रहे हैं। हालांकि, इस मार्ग को प्रमुख जिला सड़क की श्रेणी में लाए हुए छह वर्ष बीत गए हैं, लेकिन सड़क की दुर्दशा वर्षों पहले से भी कहीं बदतर बन गई है। सीआरएफ से स्वीकृत साढ़े 15 करोड़ रुपये का बजट तीन वर्ष से कागजों में घूम रहा है, लेकिन सड़क की हालत सुधारने का कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में हजारों ग्रामीणों में रोष है।
गौर हो कि किन्नौर जिले की सांगला तहसील की करीब एक दर्जन पंचायतों के हजारों ग्रामीण बीते कई अरसे से कड़छम-सांगला-छितकुल 42 किलोमीटर सड़क की हालत सुधारने की आस लगाए हुए हैं। मेजर डिस्ट्रिक सड़क का दर्जा मिलने के बाद भी ग्रामीणों की आस अधूरी है। पर्यटन की दृष्टि से मानचित्र पर अंकित सांगला और छितकुल की सुंदरता निहारने हर वर्ष हजारों की संख्या देसी और विदेश पर्यटक यहां पहुंचते हैं, लेकिन बेहतर सड़क सुविधा के अभाव में वे एक बार यहां आने के बाद दोबारा न आने की बात कहते हैं। सबसे अहम यहां देश की सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी और सेना के जवानों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड में शामिल है यह सड़क
सांगला वैली की कड़छम-सांगला-छितकुल सड़क एमडीआर (मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड) में वर्ष 2018 में शामिल हुई और 2021 में 17 किलोमीटर सड़क की हालत सुधारने के लिए 15.56 करोड़ रुपये सीआरएफ (सेंट्रल रोड फंड) के तहत जारी हुए। इस राशि से सड़क की मेटलिंग, टारिंग, क्रैश बैरियर, कलवटों का निर्माण, निकासी नालियों का निर्माण किया जाना था, लेकिन तीन वर्ष बाद भी सड़क में कोई सुधार नहीं हो पाया है। इस सड़क से वैली की किल्बा, सापनी, ब्रुआ, शौंग, चांसू, कामरू, सांगला, बटसेरी, थेमगारंग, रक्षम और छितकुल पंचायत के हजारों लोग लाभान्वित होते हैं।
सड़क की हालत सुधारने की लोगों ने उठाई मांग
व्यापारमंडल अध्यक्ष सांगला शिव कुमार नेगी, उपाध्यक्ष किशोरी नेगी, प्रधान शौंग रामप्यारी नेगी, प्रधान चांसू बीरबल लोक्टस, उप प्रधान कामरू विजेंद्र नेगी, प्रधान सांगला देवसांकी नेगी, प्रधान बटसेरी प्रदीप नेगी, प्रधान थेमगारंग मनोहर देवी नेगी, उप प्रधान रक्षम खजान सिंह नेगी सहित हजारों ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से जल्द सड़क की हालत सुधारने की मांग की है ताकि वैली की हजारों की आबादी, सेना के जवानों और पर्यटकों को राहत मिल सके।
आचार संहिता के बाद शुरू होगा काम
लोक निर्माण विभाग सांगला के एसडीओ हितेश कुमार ने बताया कि कड़छम-छितकुल सड़क को बीआरओ के अधीन करने की कवायद चल रही है। आचार संहिता के चलते सड़क की टेंडर प्रक्रिया नहीं हो सकती। आचार संहिता हटते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़क को सुधारने का कार्य शुरू किया जाएगा। सड़कों पर बने गड्ढों को जल्द भरा जाएगा।- संवाद