रामपुर बुशहर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर की अदालत ने अपहरण और दुष्कर्म का आरोप साबित होने पर दोषी को सात साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत दोषी को सजा और जुर्माने का ऐलान किया है।
शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर की अदालत ने दोषी सतीश कुमार (सुनील कुमार) गांव शरनाल, डाकघर दरकाली, तहसील रामपुर जिला शिमला पर दुष्कर्म के आरोप साबित होने पर सजा सुनाई। अदालत ने पोक्सो एक्ट के तहत तीन साल के साधारण कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा और जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा सुनाई। कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पोक्सो एक्ट के तहत सात साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को एक साल का साधारण कारावास भुगतना होगा।
जानकारी के अनुसार 19 फरवरी 2018 में पीड़ित नाबालिग के पिता ने पुलिस थाना झाकड़ी में मामला दर्ज करवाया था। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि 18 फरवरी को उसकी नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग बेटी लापता हो गई है, जिसको लेकर उन्होंने अपने रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। 19 फरवरी को उन्हें मालूम हुआ कि उनकी नाबालिग बेटी का आरोपी सतीश कुमार (सुनील कुमार) ने अपहरण कर लिया है। आरोपी नाबालिग को अपने गांव ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस ने मामले की छानबीन करते हुए नाबालिग को आरोपी के घर से बरामद किया और मामला दर्ज कर नाबालिग की मेडिकल जांच करवाई। कोर्ट में चले मामले के दौरान आरोप साबित होने के बाद अदालत ने यह सजा सुनाई है। सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी जिला न्यायवादी सुरेश हेटा ने की।