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Rampur Bushahar News: लाडा के 115 करोड़ पर जेएसडब्ल्यू की कुंडली, पंचायतों में रुका विकास

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जल्द राशि जमा नहीं की तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे जनप्रतिनिधि
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कैबिनेट मंत्री ने भी परियोजना प्रबंधन को शीघ्र राशि जमा करने के दिए हैं निर्देश

बीरबल नेगी

सांगला (किन्नौर)। जिला किन्नौर के छोल्तू स्थित एक हजार मेगावाट के जेएसडब्ल्यू हाईड्रो पावर एनर्जी लिमिटेड ने साडा प्राधिकरण को लंबे समय से लाडा की राशि नहीं दी है। जेएसडब्ल्यू करीब 115 करोड़ की राशि पर परियोजना ने कुंडली मारी है। लाडा की राशि जमा न करने के कारण परियोजना प्रभावित करीब 22 पंचायतों के विकास कार्य ठप पड़ गए हैं। वहीं, ग्रामीणों में परियोजना प्रबंधन के खिलाफ भारी रोष है। गौर हो कि एक हजार मेगावाट की जेएसडब्ल्यू हाईड्रो पावर एनर्जी लिमिटेड ने वर्ष 2011 से लाडा की राशि जमा नहीं की है। हालांकि, कुछ राशि जमा की गई, लेकिन वर्ष 2021 से पूरी तरह से राशि जमा करना बंद कर दी। अब 34 करोड़, 95 लाख से बढ़कर यह राशि 115 करोड़ पहुंच चुकी है। परियोजना से करीब 20 से 22 पंचायतें प्रभावित हैं और विकास कार्यों पर ग्रहण लगा हुआ है। हालांकि, हाल ही में रिकांगपिओ में आयोजित बैठक में कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने भी कंपनी को लताड़ लगाई है और शीघ्र पैसा जमा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। परियोजना से निचार, पानवी, रामनी, पूनंग, चगांव, किल्बा, सापनी, ब्रुआ, शोंग, कामरू, मेबर-रल्ली, यूला, मीरू और उरनी सहित कई अन्य पंचायतों के हजारों लोग प्रभावित हैं। प्रधान चगांव पंचायत कांता देवी नेगी, प्रधान रामनी सुनीता नेगी, प्रधान मीरू पंचायत नरेंद्र नेगी, प्रधान पूनंग सुंदर भगती नेगी, प्रधान निचार पंचायत राजपाल नेगी, प्रधान चांसू बीरबल लोक्ट्स सहित कई अन्य जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कहा कि यदि शीघ्र लाडा की राशि जमा नहीं की गई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
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कंपनी ने दे दिया है पैसा

जेएसडब्ल्यू परियोजना के मुख्य प्रबंधक कौशिक मौलिक ने कहा कि तीन वर्ष पहले कंपनी ने एक करोड़, अस्सी लाख रुपये जमा कर दिए हैं। अब किसी भी तरह का कोई भी पैसा जमा नहीं करना है। लंबे समय से इस संबंध में विवाद चल रहा है। कंपनी ने जो पैसा जमा करना था, वह कर दिया गया है।
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- संवाद
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