खंड विकास कार्यालय और स्थानीय लोगों को वैकल्पिक रास्ता तलाशने का जिम्मा सौंपा
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निरीक्षण टीम ने विस्तृत रिपोर्ट एसडीएम निरमंड जगदीप कंवर को सौंपी यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर मरम्मत की आवश्यकता संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। प्रशासन की टीम ने जुलाई में शुरू होने वाली श्रीखंड महादेव यात्रा के रास्तों का निरीक्षण पूरा कर लिया है। टीम ने यात्रा मार्ग, ग्लेशियर और संभावित खतरों पर एक रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम निरमंड को सौंपी है। प्रशासन की टीम ने भीम डवारी के पास एक झरने को यात्रियों के लिए जोखिमभरा बताया है। इस झरने में पानी की मात्रा काफी अधिक है, जिससे इसे पार करना कठिन हो सकता है। इस जोखिम को देखते हुए मंगलवार को एक बैठक आयोजित की गई। खंड विकास कार्यालय और पंचायत के स्थानीय लोगों को वैकल्पिक रास्ता तलाशने का जिम्मा सौंपा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक पानी होने पर यात्री सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग से जा सके। यात्रा के आयोजन को लेकर श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट की पहली बैठक 16 जून को होगी। इस बैठक में यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। 18,570 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। करीब 35 किलोमीटर लंबी यह यात्रा श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट के अधीन होती है। यात्रा से पहले प्रशासन ने रास्ते का निरीक्षण करने के लिए एक टीम भेजी थी। इस टीम ने विस्तृत रिपोर्ट एसडीएम निरमंड और ट्रस्ट के उपाध्यक्ष जगदीप कंवर को सौंपी है। रिपोर्ट के अनुसार, यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर मरम्मत की आवश्यकता है। एसडीएम ने बताया कि ब्राह्टी नाला पर बना पैदल पुल क्षतिग्रस्त है। इसकी मरम्मत का काम जारी है। इसके आगे एक और पैदल पुल भी क्षतिग्रस्त है, जिसकी मरम्मत ब्राह्टी नाला पुल के बाद शुरू होगी। संभवतः यहां लोहे की पुलिया लगाई जाएगी। रास्ता काली टॉप, कुंशा और भीम डवारी तक हल्का क्षतिग्रस्त है, जहां सीढ़ियां टूटी हैं। इनकी जल्द मरम्मत की जाएगी।
मरम्मत कार्य और तैयारियों के निर्देश
यात्रा मार्ग में कुछ ग्लेशियर भी हैं, जिनके यात्रा शुरू होने तक कम होने की उम्मीद है। प्रशासन का मानना है कि ये ग्लेशियर यात्रियों के लिए कोई बड़ी परेशानी नहीं पैदा करेंगे। खंड विकास कार्यालय और वन विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इन विभागों को यात्रा शुरू होने से पहले रास्ते को दुरुस्त करने का काम सौंपा गया है। 18 मई को भी प्रशासन की एक टीम ने रास्ते का निरीक्षण किया था। उस निरीक्षण के आधार पर ही मरम्मत कार्य पहले ही शुरू कर दिया गया था।
श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट की पहली महत्वपूर्ण बैठक 16 जून को निरमंड में होगी। इस बैठक में यात्रा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसमें सुरक्षा व्यवस्था, यात्रियों के लिए सुविधाएं और मार्ग की स्थिति जैसे विषय शामिल होंगे। ट्रस्ट यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए योजनाएं बनाएगा।
जगदीप कंवर, एसडीएम निरमंड
श्रीखंड महादेव यात्रा को लेकर रास्तों का निरीक्षण कर लौटा प्रशासनिक दल। संवाद