रिकांगपिओ (किन्नौर)। कोरोना वायरस ने सरकार के वित्तीय ढांचे को हिला दिया है। हर वर्ष आर्थिक गतिविधियों और कारोबार से अरबों-खरबों की राशि राजस्व कर के रूप में राज्य सरकार को मिलती थी। वित्त वर्ष 2020-2021 की पहली तिमाही में सरकार को करोड़ों के राजस्व कर से वंचित रहना पड़ रहा है। किन्नौर जिला भी इससे अछूता नहीं है।
किन्नौर के सहायक आयुक्त राज्य और एवं आबकारी जिला किन्नौर एवं स्पीति के अनुसार किन्नौर से अप्रैल, मई और जून में राजस्व कर के रूप में सरकार को 3 करोड़, 95 लाख, 37 हजार, 33 सौ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। नुकसान 64.32 प्रतिशत बताया जा रहा है। पिछले वित्त वर्ष 2019-20 के तिमाहियों में किन्नौर से सरकार को 6 करोड़, 14 लाख, 65 हजार, 504 रुपये की राशि राजस्व कर के रूप में हुई थी। इस वित्त वर्ष के तिमाही में 2 करोड़, 19 लाख, 28 हजार, 471 रुपये की राशि राजस्व कर के रूप में एकत्रित हुई है। जिला में इस वित्त वर्ष अप्रैल में एक्साइज में शून्य राजस्व मिला। जबकि पिछले वित्त वर्ष 2019-20 के अप्रैल माह में एक करोड़, 35 लाख, 467 रुपये की राशि राजस्व कर के रूप में सरकार के खजाने में जमा हुई थी।
इस तिमाही में एक्साइज से राजस्व कर के रूप में एक करोड़, 27 लाख, 17 हजार, 351 रुपये सरकार के खजाने में जमा हुई। जबकि बीते वित्त वर्ष इन तिमाही में 3 करोड़, 99 लाख, 9 हजार, 698 की राशि मिली थी।
सैल टैक्स, डीजल, पेट्रोल और सैन्य कैंटीनों में शराब से कर, बियर बार (वैट) से इस तिमाही में 19 लाख, 60 हजार, 451 रुपये राजस्व कर मिला। जबकि पिछले वित्त वर्ष में 73 लाख, 64 हजार, 82 रुपये की राशि सरकारी खजाने में जमा हुई थी।
इसके अलावा किन्नौर के दुकानदारों गुड सर्विस टैक्स और टैक्सियों से (जीएसटी) के रूप में इस वित्त वर्ष के तिमाही में कुल 59 लाख, 35 हजार, 77 रुपये राजस्व इकट्ठा किया गया है, जबकि बीते वर्ष में एक करोड़, 14 लाख, 39 हजार, 888 रुपये राजस्व एकत्रित किया था। यात्री भाड़ा कर के तहत इस वित्त वर्ष के तिमाही में कुल 11 लाख, 49 हजार, 120 रुपये राजस्व कर के रूप में इकट्ठा हुआ है। जबकि बीते वित्त वर्ष में 27 लाख, 38 हजार, 212 रुपये राजस्व कर के रूप में इकट्ठा हुआ था। लक्जरी टैक्स में इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एक लाख, 66 हजार, 472 रुपये राजस्व कर इकट्ठा किया गया। जबकि पिछले वित्त वर्ष में 13 लाख, 624 रुपये का राजस्व कर सरकारी खजाने में जमा किया गया था।
सहायक आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी जिला किन्नौर और स्पीति क्षेत्र सुरिंद्र कुमार ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 के कारण किन्नौर में तीन माह तक कर्फ्यू लगने से कोई कारोबार नहीं हो सका। इस कारण राजस्व कर में कमी आई है। आने वाले वित्त वर्षों में सरकार को पूरा कर दिया जाएगा।