जल रक्षक वीर मोहन पानी बहाल करते हुए।
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दुर्गम क्षेत्र डोडरा–क्वार की उपतहसील क्वार के धंदरवाड़ी गांव में जल शक्ति विभाग के कर्मचारी ने कठिन हालात में कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। भारी बर्फबारी और माइनस तापमान के बीच जल शक्ति विभाग में तैनात जल रक्षक वीर मोहन ने हिमवीर बन गांव के लिए पानी बहाल किया। इस कार्य में ग्रामीणों ने भी सहयोग दिया। पेयजल आपूर्ति बहाल होने से गांव के करीब 300 घरों को एक सप्ताह बाद राहत मिली है।
बर्फ के कारण गहरा गया था जलसंकट
गत दिनों हुई भारी बर्फबारी के बाद धंदरवाड़ी गांव को जोड़ने वाली पेयजल पाइपलाइन पूरी तरह जाम हो गई थी। तापमान शून्य से नीचे चले जाने के कारण पाइपों में पानी जम गया, जिससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया। हालात ऐसे हो गए थे कि ग्रामीणों को बर्फ पिघलाकर या दूरस्थ स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा था। गांव से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित जल स्रोत तक पहुंचना भी आसान नहीं था, क्योंकि रास्तों में करीब तीन फीट तक बर्फ जमी हुई थी।
ऐसे कठिन हालात में जल रक्षक वीर मोहन ने हार नहीं मानी। ग्रामीणों को साथ लेकर उन्होंने बर्फ से ढके दुर्गम रास्तों को पार किया और लगभग 10-12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को दुरुस्त किया। लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार गांव की पेयजल आपूर्ति बहाल हो सकी। पानी आने के साथ ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। जल शक्ति विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पेयजल लाइन को बहाल करना विभाग की प्राथमिकता थी, क्योंकि पानी के बिना ग्रामीणों का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा था।