कई दिनों से चल रहा था बर्फ जमाने का कार्य, अब स्कीयर्स ले पाएंगे स्केटिंग का लुत्फ
आज मनाया जाएगा विश्व आइस स्केटिंग दिवस
क्षेत्र का पहला आइस स्केटिंग रिंग नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम : कंवर
देवता सोगू मंदिर बखोग कमेटी की ओर से तैयार करवाया गया स्केटिंक रिंक
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। हिमाचल प्रदेश में साहसिक खेलों के विकल्प लगातार बढ़ रहे हैं। इससे जहां युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के अवसर मिल रहे हैं, वहीं वे खेलों में अपना भविष्य सुनिश्चित कर रहे हैं। उपमंडल ठियोग के चियोग में आइस स्केटिंग संघ ने आइस स्केटिंग रिंक का निर्माण किया है। रविवार को यहां विश्व आइस स्केटिंग दिवस मनाया जाएगा। स्केटिंग के शौकीन यहां स्केटिंग का आनंद ले सकते हैं। बीते कई दिनों से आइस स्केटिंग रिंक में बर्फ जमाने का कार्य चल रहा था, जो सफल रहा। स्केटिंग के सफल ट्रायल से क्षेत्र को युवाओं को आइस स्केटिंग की बारीकियां सीखने का मौका मिलेगा। यह आइस स्केटिंग रिंक स्थानीय देवता सोगू मंदिर बखोग कमेटी की ओर से तैयार करवाया गया है।
उपमंडल के चियोग क्षेत्र में तैयार किए गए आइस स्केटिंग रिंक में शनिवार को ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुए। प्रदेश आइस स्केटिंग संघ के उपाध्यक्ष प्रदीप कंवर ने इस बारे जानकारी देते हुए बताया कि रविवार को यहां वर्ल्ड आइस स्केटिंग डे मनाया जाएगा। यह आइस स्केटिंग रिंक विश्वस्तरीय मानकों से भी बड़ा है। इस रिंक का निर्माण सोगू देवता बखोग मंदिर कमेटी के सहयोग से किया गया है। पिछले कई दिनों से मैदान में बर्फ जमाने का कार्य चल रहा था, जो अब पूरी तरह सफल रहा है। कंवर ने कहा कि रिंक के तैयार होने से यहां राज्य स्तरीय आइस स्केटिंग प्रतियोगिता आयोजित होने की संभावनाएं भी प्रबल हो गई हैं। यह रिंक स्थानीय युवाओं और स्कूली बच्चों के लिए खेल प्रतिभा निखारने का सुनहरा अवसर साबित होगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में यहां विश्व विख्यात प्रशिक्षकों की निगरानी में आइस स्केटिंग के विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। यह पहल चियोग क्षेत्र को आइस स्केटिंग के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह रिंक देवता सोगू मंदिर बखोग कमेटी की ओर से तैयार करवाया गया है, जहां पिछले कई दिनों से रात के समय पानी को जमाने का प्रयास किया जा रहा था। शनिवार को बर्फ की परत के पूरी तरह ठोस होने के बाद ट्रायल करवाए गए, जो सफल रहे।
कमेटी के कोषाध्यक्ष कुलदीप वर्मा, सदस्य सोहन ठाकुर ने इस उपलब्धि के लिए स्थानीय लोगों और संघ को बधाई दी है। पिछले साल भी इसी मैदान पर कई तरह के कैंप लगाए गए थे, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से सैकड़ों खिलाड़ियों ने खेल की बारीकियां सीखी थीं। यहां राज्य स्तरीय प्रतियोगिता भी आयोजित की गई थी।