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Rampur Bushahar News: एचपीएमसी में नहीं मिला स्प्रे ऑयल, खाली हाथ लौटे सैकड़ाें बागवान

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कई घंटे कताराें में लगने के बाद बागवानों के हाथ लगी मायूसी
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बागवान सी ग्रेड सेब की अदायगी और एचपीएमसी से मिलने वाली सुविधाओं को तरसे
जल्द नहीं सुलझी बागवानों की समस्याएं तो सरकार के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा : शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। प्रदेश की आर्थिकी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे चौपाल के बागवानाें में सरकार और एचपीएमसी के प्रति खासा रोष है। एचपीएम केंद्र में बागवान कई घंटे तक कतारों में लगे रहे, लेकिन उन्हें स्प्रे ऑयल नहीं मिला। ऐसे में सैकड़ों बागवानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। बागवानों ने एचपीएमसी को अपना सी ग्रेड सेब बेचा है, लेकिन न तो बागवानों को अदायगी हो पाई है और न ही एचपीएमसी से सुविधाएं मिल पाई हैं। ऐसे में बागवान परेशानियों के दौर से गुजर रहे हैं।
उपमंडल चौपाल के एचपीएमसी केंद्र में सरकार और एचपीएमसी की नाकामी और उदासीन रवैये के कारण बागवानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एचपीएमसी में न तो स्प्रे ऑयल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और न ही खाद। बागवानों को किसी भी प्रकार का कृषि सामान भी नहीं मिल पा रहा है। बागवानों को निराश होकर घर लौटना पड़ रहा है। पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत माटल राजेंद्र शर्मा ने कहा कि एचपीएमसी की अव्यवस्था के कारण बागवानों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इस समय बागवानी कार्यों के लिए स्प्रे ऑयल और खाद की आवश्यकता है, लेकिन एचपीएमसी में उपकरण, खाद, स्प्रे ऑयल और दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। एचपीएमसी केंद्र में 500 कैन थीं और प्रत्येक बागवान को 2-2 कैन पहले आओ-पहले पाओ के तहत मुहैया करवाए गए, जोकि ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। बागवान कई घंटे कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते रहे और जब टीएसओ के कैन खत्म हो गए, तो कई बागवानों को खाली जाना पड़ा। इससे साफ जाहिर है कि सरकार को बागवानों की कितनी चिंता है।
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बागवानों ने एचपीएमसी को भारी मात्रा में सी-ग्रेड सेब बेचा था, लेकिन अभी तक सरकार ने भुगतान नहीं किया है। साथ ही एचपीएमसी के माध्यम से उन्हें कोई भी सामग्री भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। बागवान बाजार से महंगे दामों पर सामान खरीदने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि जल्द बागवानों की समस्याओं का समाधान किया जाए अन्यथा सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।
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