3 नवंबर को होगी सर्वश्रेष्ठ घोड़े, घुड़दौड़ और गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
सदियों पूर्व अश्वों, ऊनी वस्त्रों और मसालों की खरीद-फरोख्त से शुरू हुआ लवी मेला आज भी अपना इतिहास संजोए हुए है। मेले का शुभारंभ आज भी अश्वों की खरीद-फरोख्त से शुरू होता है। रामपुर के पाटबंगला मैदान में शनिवार से अश्व प्रदर्शनी सजेगी। प्रदर्शनी में पिन वैली, भावावैली, रामपुर और आसपास के क्षेत्रों से करीब 200 अश्व पहुंचेंगे। मेले में भारतीय सेना समेत चार राज्यों के पशुपालन विभाग के अधिकारी और अश्व पालक शामिल होंगे। अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के मौके पर 1 से 3 नवंबर तक तीन दिन पाटबंगला मैदान में अश्वों की खरीद-फरोख्त चलेगी। मेले में पहली बार प्रदेश के साथ लगते चार राज्यों उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा से पशुपालन अधिकारी और अश्व पालक भाग लेंगे। इन राज्यों के जिन इलाकों में अश्व पालन होता है, वहां पशुपालन विभाग के अधिकारी और अश्व पालक को जिला उपायुक्तों के माध्यम से आमंत्रित किया गया है। प्रदर्शनी में इस बार 50 अश्व पिन वैली, 50 भावावैली, रामपुर और आसपास के क्षेत्रों से 50 से 60 अश्व पहुंचेंगे। साथ ही साथ भारतीय सेना को भी इस प्रदर्शनी में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। यदि सेना को भी जरूरत पड़ी, तो वे भी अश्व खरीद सकते हैं। अश्व प्रदर्शनी के पहले दिन अश्वों का पंजीकरण होगा। इसके साथ उनकी जांच की जाएगी। 2 नवंबर को मेला मैदान में किसान गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस गोष्ठी में पशुओं के स्वास्थ्य, देखरेख और खान-पान के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, अन्य राज्यों से आए प्रतिनिधि भी अपने विचार रखेंगे। अश्व पालकों की समस्याओं को लेकर भी चर्चा की जाएगी। 3 नवंबर को अश्वों की दौड़ का रोमांच होगा। सुबह 11 से 1 बजे तक सर्वश्रेष्ठ घोड़े की चयन प्रक्रिया होगी। दोपहर बाद 3 से 4 बजे तक घुड़दौड़ और गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता होगी। समापन पर सातवें वित्त आयोग अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक नंद लाल बतौर मुख्यातिथि मौजूद होकर विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत करेंगे। अंतरराष्ट्रीय लवी मेला समिति सचिव एवं एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने बताया कि अश्व प्रदर्शनी को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदर्शनी में शामिल होने वाले अश्व पालकों को ठहरने और पशुओं के चारे की व्यवस्था कर ली गई है। इस बार प्रदेश के साथ लगते राज्यों के पशुपालन अधिकारी और अश्व पालक भी भाग लेंगे।
पहली बार 1 से 3 तक आयोजित होगी अश्व प्रदर्शनी
अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में पहली बार अश्व प्रदर्शनी 4 से 6 नवंबर तक आयोजित होने के बजाय 1 से 3 नवंबर तक आयोजित हो रही है। उपायुक्त शिमला और नगर परिषद के प्रस्ताव के चलते यह निर्णय लिया गया है। मेला समिति ने निर्णय लिया है कि इस बार 11 नवंबर तक मेला मैदान को पूरी तरह से सजा दिया जाएगा। पूर्व में जब भी राज्यपाल मेले के शुभारंभ पर पहुंचे हैं, तब तक मेला मैदान पूरी तरह से सज नहीं पाया है। इस बार मेले में समय पर प्लॉट आवंटन और मेला सजने की उम्मीद है।