उपायुक्त को भेजी नुकसान की रिपोर्ट, व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए बजट की जरूरत
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर।
इस साल जून से सितंबर तक भारी बरसात ने भारी तबाही मचाई। विकास खंड रामपुर की एक भी पंचायत ऐसी नहीं रही, जहां बरसात ने अपना कहर नहीं बरपाया। ग्रामीण इलाकों में यातायात व्यवस्था सहित कई सुविधाएं चरमरा गई हैं। अब आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए करोड़ों रुपये के बजट की दरकार है। बीते साल की अपेक्षा इस बार रामपुर में भारी नुकसान हुआ है। विकास खंड की 37 पंचायतों में करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। विकास खंड के नुकसान का औसत लगाया जाए, तो एक पंचायत में करीब 50 लाख की क्षति हुई है। विकास खंड रामपुर में आपदा ने एक भी पंचायत को नहीं बख्शा है। पंचायतों में बनी एंबुलेंस योग्य सड़कों, रास्तों, चैक डैम, सुरक्षा दीवारों और कई विकास कार्यों को भारी नुकसान पहुंचा है। आपदा से क्षतिग्रस्त पंचायतों की सड़कों पर यातायत ठप पड़ा है, जबकि रास्ते ध्वस्त होने से ग्रामीणों की आवाजाही मुश्किलों और खतरों भरी बनी है। कई इलाकों में भूमि धंसने और भूस्खलन के कारण जमीन, बगीचे और घरों को खतरा बना हुआ है। आपदाग्रस्त ग्रामीण इलाकों में जनजीवन सामान्य होने में अभी बहुत समय लगेगा। विकास खंड कार्यालय रामपुर ने सभी पंचायतों से नुकसान की रिपोर्ट तैयार करवाई है, जिसमें नुकसान का आंकड़ा 18 करोड़ रुपये आंका गया है। ग्रामीण राधाकृष्ण, राकेश, सुरेंद्र, जनार्दन सिंह, हेमराज, सुरजीत कुमार, सुनील समेत अन्य ने कहा कि आपदा से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। अब मौसम थम गया है। राहत कार्यों को प्रमुखता से पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार और पंचायती राज विभाग से राहत कार्यों के लिए बजट जारी करने की मांग उठाई है।
भारी बरसात से रामपुर की 37 पंचायतों में 18 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को भेजी है। आपदा से जूझ रही पंचायतों के लिए जल्द ही बजट जारी होगा। इसके बाद कार्य शुरू कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई जाएगी।
राजेंद्र नेगी, खंड विकास अधिकारी रामपुर