लगातार बारिश से सड़कें, पाइपलाइनें और सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त, मंत्री जगत सिंह नेगी ने किया दौरा
चट्टानों की चपेट में आने से एक गाय की मौत, छह घायल
सीमा सड़क संगठन और जल शक्ति विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भूस्खलन से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और जल शक्ति विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
शुक्रवार देर रात करीब नौ बजे सांगला बस अड्डे के पास सेना और सीमा सड़क संगठन की ओर से करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया 110 फुट लंबा वैली पुल भूस्खलन की चपेट में आने से ढह गया। टौंगटौंगचें नाले के पास जल शक्ति विभाग की 30 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार और 150 मीटर लंबी पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे विभाग को 55 लाख रुपये की क्षति हुई है।
शनिवार सुबह करीब आठ बजे सांगला-छितकुल मार्ग पर गौलडैसो नामक स्थान पर भारी चट्टानें गिरने से मार्ग करीब तीन घंटे तक बंद रहा। सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन की जेसीबी और 10 मजदूर मौके पर पहुंचे। उन्होंने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग बहाल कर दिया।
भारी चट्टानों के गिरने से जल शक्ति विभाग की 10 सिंचाई पाइपलाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे विभाग को करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ। वहीं, चट्टानों की चपेट में आने से बटसेरी गांव के ग्रामीण हरी भगत नेगी की एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक गाय घायल हो गईं। बटसेरी गांव के बागवान सूरज नेगी, सुरेंद्र नेगी, उपेंद्र नेगी और शिवराम नेगी के बगीचों को भी नुकसान पहुंचा है।
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने सांगला घाटी के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने सीमा सड़क संगठन और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को मरम्मत एवं बहाली कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।