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रोहड़ू में अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को नहीं मिली रही आवश्यक दवाईयां

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रोहड़ू। गर्भवती महिलाओं को बेहतर और निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के सरकारी दावे धरातल पर कहीं नजर नहीं आ रहे। इसका एक जीता जागता उदाहरण सिविल अस्पताल रोहड़ू में देखने को मिल रहा है। इस अस्पताल में बीते एक माह से गर्भवती महिलाओं को आवश्यक दवाई नहीं मिल रही है। इसके चलते गर्भवती महिलाओं को बाजार से ऊंचे दामों पर दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं, अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त होने के कारण महिलाओं के अल्ट्रासाउंड तक नहीं हो पा रहे हैैं। सिविल अस्पताल रोहड़ू से उपमंडल की अस्सी पंचायतों के हजारों लोग लाभान्वित होते हैं। अस्पताल में रोजाना सौ से अधिक गर्भवती महिलाएं चेकअप करवाने पहुंचती हैं। हालत यह है कि गर्भवती महिलाओं को एक माह से आवश्यक दवाइयां कैल्शियम, फॉलिक एसिड, आयरन तक नहीं मिल रही हैं। गर्भवती महिलाओं सहित अन्य रोगियों को भी अल्ट्रासाउंड के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। यहां उन्हें भारी-भरकम फीस चुकानी पड़ रही है। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष करतार सिंह कुल्ला ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति काफी खराब है। सिविल अस्पताल रोहडू मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली पड़े हैं। लचर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी रविंद्र मुखिया ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को निशुल्क दी जाने वाली दवाओं सहित अन्य दवाओं की डिमांड भेजी गई है। शीघ्र दवाइयों की सप्लाई अस्पताल में पहुंच जाएगी।
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