दलाश (कुल्लू)। आनी उपमंडल के दलाश सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना संक्रमण के पांच मरीज दाखिल होने के बाद क्षेत्र के लोग अस्पताल आने से कतरा रहे हैं। अस्पताल में शुक्रवार को एक भी मरीज नहीं पहुंचा। वहीं, अस्पताल में ओपीडी की अलग से व्यवस्था न होने के कारण भी लोग अस्पताल आने में रुचि नहीं दिखा रहे।
गौरतलब है कि दलाश अस्पताल के कोविड केयर सेंटर बनने के बाद यहां पांच कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार चल रहा है। इसी के चलते शुक्रवार को अस्पताल में एक भी ओपीडी नहीं हो पाई। अस्पताल में कोविड केयर सेंटर ओपीडी के साथ ही लगता है, जिस कारण क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है। लोग अस्पताल आने से डर रहे हैं। क्षेत्र की दस पंचायतों के प्रमुख केंद्र दलाश अस्पताल में रोजाना 100 से 150 ओपीडी रहती है, लेकिन अस्पताल में कोरोना संक्रमण के पांच मरीजों का इलाज चल रहा है। इसके चलते क्षेत्र के लोग आनी और रामपुर का रुख कर रहे हैं। वहीं, अस्पताल में ओपीडी की अलग से व्यवस्था न होने के कारण भी लोग अस्पताल नहीं पहुंच रहे। यदि इन दिनों क्षेत्र में कोई इमरजेंसी का मामला आता है तो ऐसे समय में स्वास्थ्य विभाग किस तरह कार्य करेगा, यह सोच का विषय है। दलाश पंचायत प्रधान मोहर सिंह ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि क्षेत्र की जनता के लिए किसी दूसरी जगह ओपीडी की व्यवस्था की जाए। दलाश अस्पताल प्रभारी डॉ. उषा ठाकुर का कहना है कि अस्पताल में शुक्रवार को एक भी मरीज नहीं पहुंचा है। खंड चिकित्सा अधिकारी आनी डॉ. ज्ञान ठाकुर ने कहा कि जल्द दलाश अस्पताल में अलग से ओपीडी की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। लोग संयम बरतें और भय का माहौल न बनाएं।